भारत मॉरीशस के अगालेगा द्वीप पर बना रहा एक सैन्य अड्डा ।
चर्चा में क्यों :– भारत के द्वारा मॉरीशस के अलालेगा द्वीप पर कई सारे महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है जिसमें से एक सैन्य अड्डा भी है जिसके कारण भारत और मॉरीशस चर्चा में बने हुए हैं
मॉरीशस हिंद महासागर में अवस्थित एक द्वीपीय देश है, यह देश अफ्रीका के पूर्वी तट पर अवस्थित है।
भूमि:
मेडागास्कर से इसकी दूरी लगभग 500 मील/800 किमी पूर्व में। अगालेगा द्वीप, मॉरीशस के द्वीप समूह में प्रमुख द्वीप है जो 580 मील/930 किमी उत्तर की ओर स्थित है। सामरिक दृष्टि से मॉरीशस भारत के लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगी देश है।भारत हिंद महासागर की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए मॉरीशस के साथ में समझौते कर रहा है भारत और मॉरीशस के मध्य सुरक्षा और विकास को सुनिश्चित करने के लिए अगालेगा द्वीप पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।
इन समझौता में महत्वपूर्ण है समुद्री सुरक्षा
महासागर एक लंबे समय से समुद्री लुटेरों की समस्या से जूझ रहा है साथ में ही भारत को घेरने की चीन की जो नीति है उससे भी भारत अपना बचाव करना चाहता है
भारत और मॉरीशस के इन समझौते से
1.समुद्री सुरक्षा और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
2.भारत-मॉरीशस के रिश्तों में और अधिक मजबूती आएगी।
3.भारत हिंद महासागर में और अच्छे से निगरानी रख सकेगा
मॉरीशस में सेंट जेम्स जेट्टी नामक हवाई पट्टी का उदघाटन मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनौथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साथ किया
साथ ही दोनों ने छह सामुदायिक विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।
भारत और मॉरीशस संबंध :–
दोनों देशों के मध्य संबंध स्वतंत्रता के पहले से चले आ रहे हैं।
जब महात्मा गांधी अक्टूबर 1901 में दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर थे तो इस दौरान कुछ समय के लिए मॉरीशस में रुके ।
मॉरीशस अपना का राष्ट्रीय दिवस 12 मार्च को मनाता है इस दिन ही गांधी जी में दांडी यात्रा ( चौबीस दिवसीय मार्च 12 मार्च 1930 से 6 अप्रैल 1930 तक ) को प्रारंभ किया है।
मॉरीशस की कुल आबादी में भारतीयों का लगभग 70 प्रतिशत है।
प्रधानमंत्री मोदी के दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के ( मई 2019 में ) शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनाथ भी शामिल हुए ।
भारत के अन्य देशों में स्थित अन्य मिलट्री बेस :–
ताजिकिस्तान (Tajikistan)
राजधानी :– दुशांबे
ताजिकिस्तान के फरखोर (Farkhor) में भारतीय मिलिट्री का एयर बेस मौजूद है.
संचालन :– भारतीय वायुसेना द्वारा.
यह भारत का पहला ऐसा मिलिट्री बेस है, जो भारत से बाहर स्थापित किया गया .
भारतीय वायुसेना ने सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट को यहां तैनात किया हैं.
भूटान (Bhutan)
यहां भारत का एक सैन्य बेस एक स्थाई ट्रेनिंग सेंटर के रूप में मौजूद है.
नाम :– भारतीय मिलिट्री ट्रेनिंग टीम (IMTRAT) .
स्थापना :–1961-62 में की गई थी.
भूटान में रक्षामंत्री नहीं होते जिस कारण यहां मौजूद कमांडेंट भूटान के राजा को रक्षा मामलों में सलाह और सहायता प्रदान करता है.
मैडागास्कर
भारतीय मिलिट्री का उत्तरी मैडागास्कर में लिसनिंग पोस्ट और एक राडार फैसिलिटी मौजूद है.
निर्माण :– 2007 में
निर्माण क्यों :– 1. हिंद महासागर में जहाजों पर नजर रखी जा सके.
2. समुद्री संचार को सुना जा सके.
ओमान (Oman)
रास अल हद में भारतीय मिलिट्री का एक लिसनिंग पोस्ट .
साथ ही भारत के पास मस्कट नौसैनिक बेस पर बर्थिंग अधिकार है.
जिसका अर्थ होता है की इस जगह भारतीय नौसेना के जंगी जहाजों, पनडुब्बियों आदि को जरूरत पड़ने पर ईंधन आदि की सहायता मिल जाएगी .
Duqm में भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना का छोटा बेस मौजूद।