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Daily MCQ

17 October 2026 MCQ Practice | Result Mitra

By Result Mitra •
17 October 2026 MCQ Practice | Result Mitra
RESULT MITRA

17 October 2026 — Daily Practice MCQ

UPSC / PCS Current Affairs & General Studies Practice

कुल प्रश्न: 10 उत्तर और व्याख्या देखने के लिए प्रत्येक प्रश्न खोलें
प्रश्न 1
भारत में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और उद्यमशीलता संकेतकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. देश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) वर्ष 2017-18 के 23.3% से बढ़कर वर्ष 2025 में 40.0% तक पहुँच गई है। 2. लखपति दीदी योजना दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित एक ऐसा अधिदेश है जिसका मुख्य विनिर्देश ग्रामीण महिलाओं को वार्षिक रूप से न्यूनतम ₹1 लाख की आजीविका सुनिश्चित करना है। 3. मोबाइल फोन विनिर्माण क्षेत्र के प्रत्यक्ष कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी की तुलना में कृषि क्षेत्र से जुड़े कार्यबल में महिलाओं का कुल अनुपात सांख्यिकीय रूप से अधिक है। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
(A) कोई भी कथन नहीं
(B) केवल एक कथन
(C) केवल दो कथन
(D) सभी तीनों कथन
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (C) केवल दो कथन
  • कथन 1 सही है: भारत में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं की आर्थिक सक्रियता में तेज सुधार हुआ है। इसके तहत महिला श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) वर्ष 2017-18 के 23.3% से बढ़कर वर्ष 2025 में 40.0% दर्ज की गई है। इसी प्रकार, महिला श्रमिक जनसंख्या अनुपात (WPR) भी सुधरकर 38.8% हो गया है।
  • कथन 2 सही है: लखपति दीदी योजना का विनियामक संचालन दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से किया जाता है। इसका स्पष्ट लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर सूक्ष्म उद्यमों से जोड़ना और संधारणीय रूप से सालाना ₹1 लाख या उससे अधिक की आय प्राप्त करने में सक्षम बनाना है।
  • कथन 3 गलत है: जुलाई 2026 तक मोबाइल फोन विनिर्माण क्षेत्र के प्रत्यक्ष कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत है, जबकि कृषि क्षेत्र के कार्यबल में यह हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत है। अतः कृषि कार्यबल का अनुपात मोबाइल विनिर्माण से अधिक बताना सांख्यिकीय रूप से असत्य है।
प्रश्न 2
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: पेरोव्स्काइट-सिलिकॉन टैंडम सौर सेल पारंपरिक सिंगल-जंक्शन सिलिकॉन सौर सेल की तुलना में अधिक दक्षता प्राप्त कर सकते हैं। कथन II: एक टैंडम सेल में, दो अलग-अलग पदार्थों की परतें सौर स्पेक्ट्रम के अलग-अलग हिस्सों को अवशोषित करती हैं। उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
(A) कथन I और कथन II दोनों सही हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या करता है।
(B) कथन I और कथन II दोनों सही हैं लेकिन कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं करता है।
(C) कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है।
(D) कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है।
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (A) कथन I और कथन II दोनों सही हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या करता है।
  • कथन I सही है: पेरोव्स्काइट-सिलिकॉन टैंडम सौर सेल अत्याधुनिक सौर ऊर्जा तकनीक का प्रतिनिधित्व करते हैं। पारंपरिक सिंगल-जंक्शन सिलिकॉन सौर सेल की एक सैद्धांतिक दक्षता सीमा (शॉकली-क्वेसर सीमा) लगभग 29.4% होती है। इसके विपरीत, टैंडम सौर सेल इस सीमा को पार कर अधिक उच्च दक्षता (30% से अधिक) प्राप्त करने में पूरी तरह सक्षम हैं।
  • कथन II सही है और यह कथन I की सही व्याख्या है: टैंडम सौर सेल की उच्च दक्षता का मूल कारण इसकी बहु-स्तरीय संरचना है। पारंपरिक सेल सौर प्रकाश के केवल एक विशिष्ट स्पेक्ट्रम को अवशोषित कर पाते हैं, जिससे शेष ऊर्जा ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है। टैंडम सेल में दो अलग-अलग बैंडगैप वाले पदार्थों का संलयन किया जाता है। इसकी ऊपरी पेरोव्स्काइट परत उच्च-ऊर्जा वाले नीले/दृश्यमान प्रकाश को अवशोषित करती है, जबकि निचली सिलिकॉन परत कम-ऊर्जा वाले अवरक्त (Infrared) प्रकाश को अवशोषित करती है। यह विन्यासीय सौर स्पेक्ट्रम विभाजन ही कथन I में वर्णित उच्च दक्षता का वास्तविक वैज्ञानिक कारण है।
प्रश्न 3
चीन द्वारा अगली पीढ़ी की सौर तकनीक (Solar Technology) के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों और संबंधित तकनीकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चीन ने पेरोव्स्काइट और टैंडम सौर सेल मॉड्यूल विनिर्माण के तकनीकी ज्ञान के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। 2. पेरोव्स्काइट-सिलिकॉन टैंडम सेल सौर स्पेक्ट्रम के अलग-अलग हिस्सों को अवशोषित करके प्रयोगशालाओं में 34% से अधिक की उच्च दक्षता प्रदर्शित कर चुके हैं। 3. इस तकनीक संकट से निपटने और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने ₹24,000 करोड़ की सौर पीएलआई (PLI) योजना शुरू की है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2 और 3
(C) केवल 1 और 3
(D) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (D) 1, 2 और 3
  • कथन 1 सही है: चीन ने वैश्विक बाजार में अपनी विनिर्माण बढ़त को सुरक्षित रखने के लिए “घोषणा संख्या 48” जारी की है। इसके तहत तैयार सौर पैनलों के निर्यात पर रोक नहीं है, बल्कि अगली पीढ़ी के पेरोव्स्काइट और टैंडम सौर सेल बनाने के तकनीकी ज्ञान (Know-how) के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
  • कथन 2 सही है: पारंपरिक सिलिकॉन सौर पैनलों की सामान्य दक्षता लगभग 22–25% तक ही सीमित होती है। इसके विपरीत, पेरोव्स्काइट-सिलिकॉन टैंडम सेल अपनी बहु-स्तरीय संरचना के माध्यम से सौर स्पेक्ट्रम के विभिन्न हिस्सों (नीले और अवरक्त प्रकाश) को प्रभावी रूप से अवशोषित करते हैं, जिससे प्रयोगशालाओं में इनकी दक्षता 34% से अधिक दर्ज की गई है।
  • कथन 3 सही है: चीनी आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता कम करने के लिए भारत सरकार ने पहले ही ₹24,000 करोड़ के बजटीय परिव्यय के साथ उच्च दक्षता वाले सौर मॉड्यूल के लिए उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना लागू की है। इसका उद्देश्य पॉलीसिलिकॉन से लेकर तैयार मॉड्यूल तक का निर्माण भारत में ही करना है।
प्रश्न 4
लद्दाख के प्रशासनिक दर्जे और केंद्रीय गृह मंत्रालय के हालिया नीतिगत प्रस्तावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस ने गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित ‘नेफा’ (NEFA) मॉडल और क्षेत्रीय परिषद ढांचे को खारिज कर दिया है। 2. लद्दाख के नागरिक समूहों की मूल विनियामक मांग लद्दाख को विधायिका युक्त केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा देने तथा अनुच्छेद 371 के तहत विशेष संवैधानिक सुरक्षा उपाय प्रदान करने की है। 3. गृह मंत्रालय के नवीन रोडमैप के अनुसार, प्रस्तावित प्रशासनिक ढांचा लद्दाख के उपराज्यपाल की शक्तियों को सीमित कर निर्वाचित प्रतिनिधियों को व्यापक कार्यकारी अधिकार सौंपता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(A) केवल 1
(B) केवल 1 और 2
(C) केवल 2 और 3
(D) 1, 2 और 3
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उत्तर: (B) केवल 1 और 2
  • कथन 1 सही है: 15 अक्टूबर 2026 को गृह मंत्रालय ने लद्दाख उप-समिति के समक्ष नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (NEFA)-प्रकार की प्रशासनिक व्यवस्था और क्षेत्रीय परिषद मॉडल का प्रस्ताव रखा, जिसे लद्दाख के प्रतिनिधि समूहों (LAB और KDA) ने सर्वसम्मति से अस्वीकार कर दिया है।
  • कथन 2 सही है: अगस्त 2019 में बिना विधायिका के केंद्रशासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से ही इन समूहों की मुख्य मांग लद्दाख के सामाजिक-सांस्कृतिक हितों की रक्षा के लिए ‘विधायिका सहित केंद्रशासित प्रदेश’ की स्थापना करना और अनुच्छेद 371 के तहत विशेष विधिक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना है।
  • कथन 3 गलत है: लद्दाख के नागरिक समूहों द्वारा इस गृह मंत्रालय के रोडमैप को खारिज करने का मुख्य कारण ही यह है कि यह प्रस्तावित ढांचा निर्वाचित प्रतिनिधियों को सशक्त नहीं करता, बल्कि लद्दाख के उपराज्यपाल (LG) प्रशासन के हाथों में अत्यधिक शक्तियों को केंद्रित करता है।
प्रश्न 5
भारत की कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) और साइबर सुरक्षा विनियामक ढांचे के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. CERT-In, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत साइबर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया के लिए भारत की राष्ट्रीय नोडल एजेंसी है। 2. CERT-In के वर्ष 2022 के निर्देशों के अनुसार, भारत के भीतर सिस्टम लॉग को कम से कम 180 दिनों की अवधि के लिए सुरक्षित रखना अनिवार्य है। 3. राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े होने के कारण, CERT-In को सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के तहत डेटा उल्लंघन की जानकारी देने से छूट प्राप्त है। उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर 1: (d) 1, 2 और 3
  • कथन 1 सही है: CERT-In (भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम) केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत काम करती है और यह साइबर सुरक्षा घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने वाली भारत की राष्ट्रीय एजेंसी है।
  • कथन 2 सही है: CERT-In के वर्ष 2022 के निर्देशों (Cyber Security Directions) के तहत, सभी सरकारी और निजी संस्थाओं के लिए साइबर सुरक्षा घटनाओं की रिपोर्ट 6 घंटे के भीतर करना और भारत के भीतर अपने सिस्टम लॉग को 180 दिनों तक सुरक्षित रखना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
  • कथन 3 सही है: यह एजेंसी डेटा उल्लंघन के मामलों के संबंध में सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 से छूट प्राप्त है, जबकि इसके 2022 के निर्देशों के तहत संगठनों के लिए ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट CERT-In को करना अनिवार्य है।
प्रश्न 6
भारतीय नौसेना के रक्षा आधुनिकीकरण और हाल ही में शामिल किए गए आईएनएस समर्थक (INS Samarthak) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आईएनएस समर्थक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स द्वारा निर्मित पहला बड़ा युद्धपोत है। 2. 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ, यह पोत नौसेना की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ के लक्ष्यों को सुदृढ़ करता है। 3. एक बहुउद्देशीय पोत के रूप में, यह युद्धक परीक्षणों के साथ-साथ गैर-सैन्य मिशनों जैसे मानवीय सहायता और आपदा राहत को भी अंजाम दे सकता है। उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (b) केवल 2 और 3
  • कथन 1 गलत है: आईएनएस समर्थक सार्वजनिक क्षेत्र के शिपयार्ड (जैसे मझगांव डॉक या जीआरएसई) द्वारा नहीं बनाया गया है। इसे पूर्णतः एक निजी शिपयार्ड (एल एंड टी शिपयार्ड) द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है। यह किसी भारतीय निजी क्षेत्र के शिपयार्ड द्वारा निर्मित पहला बड़ा युद्धपोत है, न कि पीपीपी मॉडल के तहत सार्वजनिक क्षेत्र का।
  • कथन 2 सही है: इस पोत में 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यह भारत की घरेलू औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं को दर्शाता है, जिससे आयात पर निर्भरता कम होती है और रक्षा विनिर्माण में ‘आत्मनिर्भर भारत’ तथा ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलता है।
  • कथन 3 सही है: ‘बहुउद्देशीय पोत’ की मुख्य विशेषता ही इसका लचीलापन है। आईएनएस समर्थक एक तरफ स्वदेशी सेंसरों और हथियारों के परीक्षण जैसी तकनीकी/सैन्य भूमिका निभा सकता है, तो दूसरी तरफ समुद्र में कानून प्रवर्तन (गश्त, निगरानी) और विशुद्ध रूप से गैर-सैन्य या मानवीय मिशनों (जैसे चक्रवात या आपदा के समय राहत पहुंचाना – HADR) को भी समान दक्षता से संचालित कर सकता है।
प्रश्न 7
भारत की भाषाई विविधता और डिजिटल समावेशन के संदर्भ में, हाल ही में विकसित सौराष्ट्र टेक्स्ट-टू-स्पीच (TTS) मॉडल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सौराष्ट्र एक अल्पसंख्यक इंडो-आर्यन भाषा है, जो मुख्य रूप से भारत के पश्चिमी राज्य गुजरात में बोली जाती है। 2. इस मॉडल को ‘डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीजन’ और IISc बेंगलुरु द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। 3. इसमें प्रयुक्त ‘VITS आर्किटेक्चर’ की यह विशेषता है कि यह बिना किसी अलग फोनेमाइज़र की आवश्यकता के सीधे कैरेक्टर-लेवल पर टेक्स्ट प्रोसेसिंग कर सकता है। 4. इस मॉडल के लिए तैयार डेटासेट और संसाधन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के ‘AIKOSH’ प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए गए हैं। उपरोक्त कथनों में से कितने कथन सही हैं?
(a) केवल एक कथन
(b) केवल दो कथन
(c) केवल तीन कथन
(d सभी चारों कथन
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) केवल तीन कथन
  • कथन 1 गलत है: यद्यपि ‘सौराष्ट्र’ नाम पश्चिमी भारत से जुड़ता है, लेकिन सौराष्ट्र एक अल्पसंख्यक इंडो-आर्यन भाषा है जो मुख्य रूप से तमिलनाडु में बोली जाती है। अतः भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में यह कथन गलत है।
  • कथन 2 सही है: इस टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल को MeitY के अंतर्गत कार्यरत डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीजन (DIBD) और IISc बेंगलुरु ने मिलकर विकसित किया है।
  • कथन 3 सही है: ‘VITS आर्किटेक्चर’ एक विशिष्ट न्यूरल नेटवर्क संरचना है जो एंड-टू-एंड काम करती है। इसकी तकनीकी विशेषता यह है कि यह सीधे कैरेक्टर-लेवल टेक्स्ट प्रोसेसिंग की अनुमति देता है, जिससे अलग से फोनेमाइज़र (ध्वनि-परिवर्तक उपकरण) की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।
  • कथन 4 सही है: प्रशिक्षण के लिए उपयोग किया गया सौराष्ट्र स्पीच कॉर्पस और इससे जुड़े संसाधन भाषिनी (BHASHINI) के राष्ट्रीय ओपन-सोर्स रिपॉजिटरी प्लेटफॉर्म ‘AIKOSH’ पर उपलब्ध हैं।
प्रश्न 8
पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक संकट और भारत के बाह्य क्षेत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्षेत्रीय संघर्षों के कारण तेल आयात बिल में तीव्र वृद्धि के परिणामस्वरूप सितंबर माह में भारत का वस्तु निर्यात नकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ। 2. पेट्रोलियम उत्पादों के मात्रात्मक निर्यात में संकुचन के बावजूद मूल्य प्रभाव के कारण भारत के निर्यात राजस्व में वृद्धि दर्ज की गई। 3. कच्चे तेल की तुलना में एलएनजी (LNG) का आयात बिल वैश्विक आपूर्ति झटकों के प्रति अधिक संवेदनशील रहा है। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (b) केवल 2
  • कथन 1 गलत है: यद्यपि तेल आयात बिल में 47% की तीव्र वृद्धि हुई, लेकिन इसके कारण भारत का निर्यात नकारात्मक रूप से प्रभावित नहीं हुआ। सितंबर में भारत का निर्यात 23% बढ़ा है।
  • कथन 2 सही है: पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात मात्रात्मक रूप से 24.2% घट गया (संकुचन), लेकिन इसके बावजूद इससे प्राप्त राजस्व 20% बढ़ गया। अर्थशास्त्र में इसे सकारात्मक ‘मूल्य प्रभाव’ (Price Effect) कहा जाता है, जहाँ मात्रा घटने पर भी ऊँचे वैश्विक मूल्यों के कारण कुल आय बढ़ती है।
  • कथन 3 गलत है: सितंबर में एलएनजी का आयात मात्रात्मक रूप से 8.5% गिर गया, लेकिन इसका आयात बिल लगभग अपरिवर्तित ($1.2 बिलियन) रहा। यह दर्शाता है कि आपूर्ति झटकों या मात्रा में बदलाव के बावजूद इसका बिल स्थिर रहा, यानी यह कम संवेदनशील (Inelastic) रहा, न कि अधिक संवेदनशील।
प्रश्न 9
भारत की हिंद-प्रशांत नीति और उत्तरी अमेरिकी भू-आर्थिक संबंधों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) भारत और अमेरिका के बीच अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी साझाकरण के लिए हस्ताक्षरित एक द्विपक्षीय विनियामक ढांचा है। 2. सस्केचेवान और ओंटारियो जैसे प्रांतों के साथ उप-राष्ट्रीय कूटनीति के कारण कनाडाई पेंशन फंड ने भारत के डेटा केंद्रों और स्वच्छ ऊर्जा में निवेश वापस ले लिया है। 3. भारत और कनाडा दोनों ही ‘G7 क्रिटिकल मिनरल्स एक्शन प्लान’ और ‘ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस’ जैसे लघुपक्षीय मंचों के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखला लचीलेपन को मजबूत कर रहे हैं। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) केवल 3
  • कथन 1 गलत है: CEPA (व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता) भारत और अमेरिका के बीच नहीं, बल्कि भारत और कनाडा के बीच वार्ता के अधीन एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौता है। भारत और अमेरिका के बीच संबंध व्यापार और प्रौद्योगिकी साझाकरण के लिए अन्य इंडो-पैसिफिक ढांचों पर आधारित हैं।
  • कथन 2 गलत है: उप-राष्ट्रीय कूटनीति के कारण कनाडाई निवेश वापस नहीं लिया गया है, बल्कि इसके विपरीत, कनाडाई प्रांतों के साथ मजबूत कूटनीति ने भारत में निवेश को बढ़ावा दिया है। कनाडाई पेंशन फंड वर्तमान में भारत के डेटा केंद्रों, स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक संयुक्त उद्यमों में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं।
  • कथन 3 सही है: भारत और कनाडा दोनों अपनी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुपक्षीय मंचों के साथ-साथ छोटे और केंद्रित लघुपक्षीय (Minilateral) मंचों का उपयोग कर रहे हैं। दोनों देश ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस (GBA), इंटरनेशनल सोलर एलायंस (ISA) और G7 क्रिटिकल मिनरल्स एक्शन प्लान का हिस्सा बनकर अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं को चीन जैसे देशों से सुरक्षित (De-risk) कर रहे हैं।
प्रश्न 10
भारत में डिजिटल परिवर्तन और प्रशासनिक सुधारों के संदर्भ में, हाल ही में आयोजित ई-गवर्नेंस सुधारों पर राष्ट्रीय सम्मेलन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में केंद्रीय प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) और हिमाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया। 2. इस सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य देश में उद्योग 4.0 के तहत सीमा पार इलेक्ट्रॉनिक व्यापार के लिए नए वित्तीय विनियामक ढांचे को तैयार करना है। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) केवल 1
  • कथन 1 सही है: ई-गवर्नेंस सुधारों पर यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में शुरू हुआ। इसे भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) और हिमाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसका प्रतिनिधित्व दोनों पक्षों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और मुख्यमंत्री ने किया।
  • कथन 2 गलत है: इस सम्मेलन का उद्देश्य सीमा पार इलेक्ट्रॉनिक व्यापार या वित्तीय विनियामक ढांचे तैयार करना नहीं है। बल्कि इसका मुख्य फोकस डिजिटल नवाचार (Digital Innovation), उभरती प्रौद्योगिकियों (Emerging Technologies), नागरिक-केंद्रित शासन (Citizen-centric Governance) और प्रौद्योगिकी-सक्षम जन सेवा वितरण (Technology-enabled Public Service Delivery) पर विचार-विमर्श करना है।

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