UPSC PYQ 2024 (Economic)
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निम्नलिखित हवाई अड्डों पर विचार करें:
1. डोनयी पोलो हवाई अड्डा
2. कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
3. विजयवाड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
हाल ही में, ऊपर बताए गए प्रोजेक्ट्स में से कौन से ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के तौर पर बनाए गए हैं?
व्याख्या:
‘ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट’ (Greenfield Project) का तात्पर्य ऐसे प्रोजेक्ट्स से होता है, जिनका निर्माण एकदम नए सिरे से खाली या अप्रयुक्त जमीन पर किया जाता है, जहाँ पहले से कोई ढांचा मौजूद नहीं होता। अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में स्थित डोनी पोलो हवाई अड्डा और उत्तर प्रदेश का कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा दोनों ही इसी श्रेणी के अंतर्गत पूरी तरह नए सिरे से विकसित किए गए हैं। इसके विपरीत, विजयवाड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा एक ‘ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट’ है। इसका मतलब यह है कि वहाँ पहले से ही एक पुराना हवाई अड्डा काम कर रहा था, जिसका केवल आधुनिकीकरण, रनवे का विस्तार और नई टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण करके अपग्रेड किया गया है।
इसलिए, केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
किसी अर्थव्यवस्था में कुल प्रजनन दर (TFR) को इस प्रकार परिभाषित किया जाता है:
व्याख्या
कुल प्रजनन दर (Total Fertility Rate – TFR) जनसांख्यिकी और अर्थशास्त्र में एक बेहद महत्वपूर्ण पैमाना है। यह दर यह दर्शाती है कि यदि वर्तमान आयु-विशिष्ट प्रजनन दरें स्थिर बनी रहें, तो एक काल्पनिक महिला अपने पूरे प्रसव काल या प्रजनन जीवनकाल (जिसे आमतौर पर 15 से 49 वर्ष की आयु माना जाता है) के अंत तक औसतन कितने जीवित बच्चों को जन्म देगी। विकल्प (a) में दी गई परिभाषा ‘कच्चे जन्म दर’ (Crude Birth Rate) की है, जो प्रति 1000 की जनसंख्या पर आधारित होती है। TFR किसी देश की जनसंख्या वृद्धि की भविष्य की दिशा और रिप्लेसमेंट लेवल (समान प्रतिस्थापन स्तर, जो आमतौर पर 2.1 माना जाता है) को समझने में मदद करता है।
अतः सही परिभाषा केवल (d) है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) भारतीय रिजर्व बैंक की लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी (LAF) विंडो का इस्तेमाल कर सकती हैं।
2. भारत में, विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) सरकारी सिक्योरिटीज (G-Secs) रख सकते हैं।
3. भारत में, स्टॉक एक्सचेंज डेट (Debt) के लिए अलग Trading Platform दे सकते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
व्याख्या:
कथन 1 गलत है क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरलता समायोजन सुविधा (LAF) विंडो का उपयोग केवल अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (Commercial Banks) और प्राथमिक डीलर (Primary Dealers) ही अल्पकालिक नकदी की जरूरतों को पूरा करने (रेपो और रिवर्स रेपो के माध्यम से) के लिए कर सकते हैं। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) को इस विंडो तक सीधी पहुंच नहीं होती है।
कथन 2 बिल्कुल सही है क्योंकि भारतीय पूंजी बाजार के नियमों के तहत विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) को निर्धारित सरकारी सीमाओं और ‘फुल्ली एक्सेसिबल रूट’ (FAR) के माध्यम से भारत की सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में निवेश करने और उन्हें होल्ड करने की अनुमति दी गई है।
कथन 3 भी सही है क्योंकि सेबी (SEBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, बॉन्ड और ऋण प्रतिभूतियों (Debt Instruments) के व्यापार में पारदर्शिता और लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए स्टॉक एक्सचेंजों को एक अलग और समर्पित ‘डेट ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म’ स्थापित करने की अनुमति है।
भारत में, इनमें से कौन कॉर्पोरेट बॉन्ड और सरकारी सिक्योरिटीज़ में ट्रेड कर सकता है?
1. बीमा कंपनी
2. पेंशन फंड
3. खुदरा निवेशक
नीचे दिए गए कोड का इस्तेमाल करके सही जवाब चुनें:
व्याख्या:
भारत के डेट market (Debt Market) में संस्थागत और व्यक्तिगत दोनों प्रकार के निवेशकों की भागीदारी की अनुमति है। बीमा कंपनियां और पेंशन फंड बहुत बड़े संस्थागत निवेशक होते हैं, जो अपने पॉलिसीधारकों और खाताधारकों के दीर्घकालिक फंड को सुरक्षित रखने और नियमित ब्याज कमाने के लिए सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) तथा उच्च रेटिंग वाले कॉर्पोरेट बॉन्ड्स में बड़े पैमाने पर ट्रेडिंग और निवेश करते हैं। पूर्व में, आम जनता या खुदरा निवेशकों (Retail Investors) के लिए सरकारी बॉन्ड मार्केट में सीधे निवेश करना कठिन था। लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा शुरू की गई ‘रिटेल डायरेक्ट स्कीम’ (Retail Direct Scheme) के बाद से अब कोई भी आम नागरिक सीधे अपना गिल्ट अकाउंट खोलकर कॉर्पोरेट बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों को आसानी से खरीद और बेच सकता है। इसलिए, ये तीनों ही इसमें ट्रेड करने के पात्र हैं।
निम्नलिखित पर विचार करें:
1. एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF)
2. मोटर वाहन
3. मुद्राओं की अदला बदली
ऊपर दिए गए में से किसे फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट माना जाता है?
व्याख्या:
वित्तीय साधन (Financial Instruments) ऐसी परिसंपत्तियां या मौद्रिक अनुबंध होते हैं, जिन्हें वित्तीय बाजारों में ट्रेड (खरीदा या बेचा) किया जा सकता है, और जो एक पक्ष के लिए वित्तीय संपत्ति तथा दूसरे पक्ष के लिए वित्तीय दायित्व या इक्विटी का निर्माण करते हैं। एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) एक वित्तीय साधन है जो शेयर बाजार में म्यूचुअल फंड की तरह ट्रेड होता है। मुद्राओं की अदला-बदली (Currency Swaps) भी एक प्रकार का वित्तीय डेरिवेटिव अनुबंध है, जिसका उपयोग दो पक्ष अलग-अलग मुद्राओं में ऋण के ब्याज या मूलधन के आदान-प्रदान के लिए करते हैं। दूसरी ओर, मोटर वाहन कोई वित्तीय अनुबंध नहीं है; यह एक भौतिक या वास्तविक संपत्ति (Tangible/Real Asset) है जिसका उपयोग परिवहन के लिए किया जाता है।
इसलिए, केवल 1 और 3 ही वित्तीय साधनों के अंतर्गत आते हैं।
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