Editorial Corner Hindi

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भारत की जलवायु कार्रवाई में सबसे बड़ी बाधा ‘भाषा’ हो सकती है

UPSC प्रासंगिकता – GS पेपर III – पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन चर्चा में क्यों? वैश्विक मंचों पर ‘जलवायु अनुकूलन’ (Climate Adaptation) और ‘हानी एवं क्षति’ (Loss and Damage) से जुड़ी हालिया चर्चाओं ने एक बढ़ती चिंता को उजागर किया है: जलवायु विज्ञान में प्रगति के बावजूद, भारत जलवायु ज्ञान को प्रभावी स्थानीय कार्रवाई में बदलने […]

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नारियल की जड़ में लगने वाले रोग से निपटने के लिए सहभागी विज्ञान क्यों महत्वपूर्ण है?

UPSC प्रासंगिकता ● GS पेपर II: शासन में नागरिकों की भूमिका, किसानों की भागीदारी।● GS पेपर III: कृषि, पौधों के रोग, जलवायु परिवर्तन, जैव प्रौद्योगिकी। चर्चा में क्यों? फाइटोप्लाज्मा (Phytoplasma) द्वारा जनित ‘रूट विल्ट’ (जड़ का मुरझाना) रोग ने केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के बड़े नारियल उत्पादक क्षेत्रों को तबाह कर दिया है। ये तीन

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स्वस्थ पर्यावरण का अधिकार: संवैधानिक जनादेश और शासन की चुनौतियां

UPSC प्रासंगिकता: चर्चा में क्यों? बढ़ते वायु प्रदूषण और पर्यावरण क्षरण के बीच, भारत में स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार को लागू करने की तत्काल आवश्यकता है। दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों का स्मॉग (smog), औद्योगिक खतरे और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर्यावरण की उपेक्षा के गंभीर स्वास्थ्य और पारिस्थितिक परिणामों को उजागर करते हैं। कानूनी

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डिस्कनेक्ट होने का अधिकार: काम के बाद एक स्पष्ट सीमा रेखा

UPSC प्रासंगिकता: GS पेपर II (शासन, संविधान और अधिकार) चर्चा में क्यों? संसद में ‘राइट टू डिस्कनेक्ट’ (Right to Disconnect) पर एक निजी सदस्य विधेयक (Private Member’s Bill) पेश किया गया है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को निर्धारित कामकाजी घंटों के बाद काम से संबंधित डिजिटल संचार (जैसे कॉल, ईमेल या मैसेज) में शामिल होने के

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बौंडी बीच मेमोरियल में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री का विरोध: बढ़ती यहूदी-विरोधी (Anti-Semitism) चिंताएं

चर्चा में क्यों? ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ को सिडनी के बौंडी बीच (Bondi Beach) पर आयोजित एक स्मृति सभा में जनता के कड़े विरोध और हूटिंग (booing) का सामना करना पड़ा। यह कार्यक्रम उन पीड़ितों की याद में आयोजित किया गया था जो यहूदी हनुक्का (Hanukkah) उत्सव के दौरान हुए एक भीषण बंदूक हमले

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टीबी उन्मूलन पर वैश्विक विमर्श को पुनर्परिभाषित करना

यूपीएससी प्रासंगिकता Prelims: टीबी संचरण, जोखिम कारक, नैदानिक उपकरण, NTEP, निक्षय योजनाएँ, MDR/XDR-TB, भारत के टीबी उन्मूलन लक्ष्य।Mains (GS-II/III): स्वास्थ्य प्रशासन, सेवा वितरण, सामाजिक सुरक्षा और रोग नियंत्रण। चर्चा में क्यों? भारत के पोर्टेबल आणविक नैदानिक सिस्टम—विशेष तौर पर बैटरी-संचालित PCR मशीनें—टीबी की त्वरित पहचान और दवा-प्रतिरोध निदान में विश्व स्तर पर प्रशंसित हो रही

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मनरेगा और आधार-आधारित बहिष्करण की नई लहर: भारत की ग्रामीण रोज़गार जीवन रेखा की एक आलोचनात्मक समीक्षा

यूपीएससी के लिए प्रासंगिकता क्यों ख़बरों में? 10 अक्टूबर से 14 नवंबर, 2025 के बीच मनरेगा (MGNREGS) डेटाबेस से 27 लाख नाम अचानक हटा दिए गए हैं। यह वृद्धि सरकारी आदेश के तहत अनिवार्य ई-केवाईसी (e-KYC) और आधार-लिंक्ड सत्यापन अभियान के साथ हुई है, जिसने वास्तविक श्रमिकों के बड़े पैमाने पर बहिष्करण (निकाल दिए जाने)

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हेपेटाइटिस ए: बढ़ती चिंता और व्यापक टीकाकरण की माँग

चर्चा में क्यों? जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह अनुशंसा कर रहे हैं कि हेपेटाइटिस ए वैक्सीन को भारत के सार्वभौमिक प्रतिरक्षण कार्यक्रम (Universal Immunisation Programme – UIP) में शामिल किया जाए। इसका कारण है कि प्रकोप (outbreaks) बढ़ रहे हैं, जबकि किशोरों और युवा वयस्कों में प्राकृतिक प्रतिरक्षा (natural immunity) तेज़ी से घट रही है। हेपेटाइटिस

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लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण (Flexible Inflation Targeting): भारत को 4% का लक्ष्य क्यों बनाए रखना चाहिए

UPSC प्रासंगिकता: मुख्य परीक्षा (GS III), प्रारंभिक परीक्षा – मौद्रिक नीति समिति (MPC), CPI बनाम WPI, FRBM अधिनियम इत्यादि। चर्चा में क्यों? भारत का लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण (FIT) ढाँचा — जो RBI को 4% (±2%) के स्तर पर मुद्रास्फीति बनाए रखने का जनादेश देता है — मार्च 2026 में समाप्त होने वाला है। इसकी वर्तमान

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कर्नाटक की मासिक धर्म अवकाश नीति: प्रगतिशील कदम या प्रतीकात्मक इशारा?

यूपीएससी के लिए प्रासंगिकता: सामान्य अध्ययन पेपर 1 (समाज) खबरों में क्यों कर्नाटक भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने सभी महिला कर्मचारियों के लिए प्रति माह एक दिन का सवेतन मासिक धर्म अवकाश (paid menstrual leave) स्वीकृत किया है, जिसमें सरकारी और निजी दोनों क्षेत्र शामिल हैं। यह पहल मासिक धर्म स्वास्थ्य को

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