पारबती-कालीसिंध-चंबल-ईआरसीपी (PKC-ERCP) लिंक परियोजना

PKC-ERCP चर्चा में क्यों :–

हाल ही में मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्य  सरकार के बीच संशोधित पारबती-कालीसिंध-चंबल-ईआरसीपी (पीकेसी-ईआरसीपी) लिंक परियोजना पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर

PKC-ERCP पारबती-कालीसिंध-चंबल लिंक योजना  के बारे में:–

 नदी जोड़ो परियोजना से संबंधित 2022 में  गठित एक विशेष समिति ने  पारबती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की ।

PKC-ERCP

 परियोजना का उद्देश्य :– चंबल बेसिन में जल का दक्षतापूर्वक अधिक उपयोग सुनिश्चित करना

 परियोजना के लाभ :–
  • मध्य प्रदेश के मालवा और चंबल क्षेत्रों  में पेयजल उपलब्ध कराना
  • पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में पेयजल और अन्य कार्यों के लिए जल कराना
  • औद्योगिक इकाईयों को जल उपलब्ध कराना ।

नदी जोड़ो परियोजना का उद्देश्य :–

  • अधिशेष ( अधिक ) जल वाले बेसिनों से कम जल वाले बेसिनों में जल को भेजना ।
  • बहुप्रतीक्षित पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी)
  • इसके  तहत चंबल बेसिन के जल को एक उप-बेसिन से दूसरे उप-बेसिन में स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई है।

जैसे की :– कालीसिंध, पार्वती, मेज और चाकन उप-बेसिनों में उपलब्ध अधिशेष जल को जल की कमी वाले उप-बेसिनों जैसे की  बनास, गंभीरी, बाणगंगा और पार्वती की ओर मोड़ा जाएगा।

नदी जोड़ो परियोजना के लाभ :–
  • अधिशेष जल वाले नदियों से जिन नदियों में जल की कमी है पानी का स्थानांतरण करना
  • बाढ़ के समय पानी को नियंत्रित करने के लिए अन्य नदियों में हस्तांतरित करना
  • जिन क्षेत्रों में सुख है वहां की नहरे को पानी उपलब्ध कराना
  • कृषि क्षेत्र में सिंचाई के लिए, विद्युत उत्पादन के लिए, उद्योगों के लिए जल उपलब्ध कराना
  • पारिस्थितिकः इससे नदियों का पारितंत्न पुनर्बहाल किया जा सकेगा। साथ ही, जल की कमी वाले बेसिनों में जैव विविधता को बढ़ाया जा सकेगा
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