भारत वायरल Hepatitis के सबसे अधिक बोझ वाले देशों में से, इसे कैसे रोकें :– डब्ल्यूएचओ

चर्चा में क्यों :–

इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलीरी साइंसेज (आईएलबीएस) के वीसी डॉ. एसके सरीन ने हाल ही में एक वक्तव्य दिया है  :–  सभी नवजात शिशुओं को हेपेटाइटिस का टीकाकरण अवश्य कराना चाहिए।  राष्ट्रीय कार्यक्रम में वैक्सीन शामिल होने से पहले पैदा हुए वयस्कों को भी टीका मिलना चाहिए। क्योंकि भारत में हेपेटाइटिस की बीमारी एक गंभीर समस्या है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा  वैश्विक हेपेटाइटिस रिपोर्ट 2024 जारी की गई जिसके अनुसार :–

भारत वायरल हेपेटाइटिस के सबसे अधिक बोझ वाले देशों में से एक है। यह  संक्रमण  यकृत में सूजन, क्षति का कारण बनता है और यकृत कैंसर का कारण बन सकता है

वर्तमान में भारत में  2.9 करोड़ लोग हेपेटाइटिस बी संक्रमण के साथ जी रहे हैं और 0.55 करोड़ लोग हेपेटाइटिस सी संक्रमण के साथ जी रहे हैं।  2022 में 50,000 से अधिक नए हेपेटाइटिस बी मामले और 1.4 लाख नए हेपेटाइटिस सी मामले सामने आए।

 रिपोर्ट के अनुसार इन संक्रमणों से 2022 में भारत में 1.23 लाख लोगों की मौत हो गई।

दोनों संक्रमण प्रसव के दौरान मां से बच्चे में फैलते हैं, ठीक से जांच न किए गए रक्त के संक्रमण के दौरान, संक्रमित व्यक्ति के रक्त के संपर्क के दौरान या नशीली दवाओं के उपयोगकर्ताओं द्वारा सुइयों को साझा करने के दौरान।

चूंकि हेपेटाइटिस बी को टीकाकरण के माध्यम से रोका जा सकता है, इसलिए रिपोर्ट कवरेज सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।  जबकि हेपेटाइटिस सी का इलाज दवाओं से संभव है। हेपेटाइटिस एकमात्र संचारी रोग है जिसकी मृत्यु दर में वृद्धि हो रही है।

हेपेटाइटिस बी और सी क्या हैं :–

  • वायरल हेपेटाइटिस के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिये प्रत्येक वर्ष विश्व हेपेटाइटिस दिवस 28 जुलाई को मनाया जाता है।
  • हेपेटाइटिस :– किसी भी कारण से यकृत कोशिकाओं में होने वाली जलन या सूजन । यकृत की सूजन निम्न लिखित बीमारी  से भी हो सकती है  पीलिया, बुखार, उल्टी आदि ।
  • यह होने वाली  सूजन छह महीने से अधिक समय तक भी रह सकती है, कई बार इसके कोई  अनिवार्य  लक्षण नहीं दिखाई देते।
हेपेटाइटिस होने का कारण:
हेपेटाइटिस

सामान्यतौर पर  यह A, B, C, D और E के रूप मे “हेपेटोट्रोपिक” (यकृत निर्देशित) वायरस के एक समूह के कारण होता है।

वैरिकाला वायरस जो चिकन पॉक्स का कारण बनता है ।

SARS-CoV-2, Covid-19 जैसे वायरस के कारण  यकृत को नुकसान पहुंचता है जिस कारण यह   वायरस भी इसका कारण बन सकते है

अन्य कारण :–  ड्रग्स और अल्कोहल का दुरुपयोग, यकृत में वसा का निर्माण (फैटी लीवर हेपेटाइटिस)  आदि

उपचार:
  • हेपेटाइटिस के अलग-अलग प्रकार होने के कारण इनका इलाज भी अलग-अलग होता है
  • हेपेटाइटिस A और E स्व-सीमित रोग (self-limiting diseases) होती है जिसका अर्थ होता है की  इनके  लिये किसी विशिष्ट एंटीवायरल दवाओं की आवश्यकता नहीं होती है ये  अपने आप खत्म हो जाते हैं ।
  • हेपेटाइटिस B और C के लिये प्रभावी दवाओं की आवश्यकता होती  हैं
  • हेपेटाइटिस से होने वाली  मौतों में से लगभग 95% केवल सिरोसिस तथा हेपेटाइटिस B और C वायरस की वजह से होती है ।
  • हेपेटाइटिस को खत्म करने का  वैश्विक लक्ष्य 2030 तक निर्धारित किया गया  है।

प्रश्न. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही नहीं है?

(a) यकृतशोध B विषाणु HIV की तरह ही संचरित होता है।

(b) यकृतशोध C का टीका होता है, जबकि यकृतशोध B का कोई टीका नहीं होता।

(c) सार्वभौम रूप से यकृतशोध B और C विषाणुओं से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या HIV से संक्रमित लोगों की संख्या से कई गुना अधिक है।

(d) यकृतशोध B और C विषाणुओं से संक्रमित कुछ व्यक्तियों में अनेक वर्षों तक इसके लक्षण दिखाई नहीं देते।

उत्तर: (b)

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