सरकार द्वारा हाल ही में दस नए  उत्पादों  को  भौगोलिक संकेतक (GI) देने की घोषणा की

भौगोलिक संकेतक (GI) टैग क्या होते है 

यह एक  प्रकार का विशेष चिह्न है जिसका उपयोग किसी  विशेष प्रकार के उत्पादों पर की पहचान के लिए किया जाता है  जो किसी विशिष्ट भौगोलिक स्थान या मूल स्थान  से संबंधित या जुड़े  होते हैं।

भौगोलिक संकेत – उदाहरण

हस्तशिल्प – उदाहरण –मैसूर सिल्क ( मैसूर ), मधुबनी पेंटिंग ( बिहार ) आदि

खाद्य पदार्थ – उदाहरण – मिथिला मखाना, रसगुल्ला,तिरुपति लड्डू आदि।

कृषि उत्पाद – चाय,  बासमती चावल आदि।

Gi टैग के लाभ :–

1. केवल अधिकृत उपयोगकर्त्ताओं को या उस विशेष भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाले लोगों को ही इस   उत्पाद के नाम और चिन्ह के प्रयोग  की अनुमति है।

जिस उत्पाद को GI टैग प्रदान किया गया है उसकी नकल भी बनाना गैरकानूनी है

Gi टैग की वैधता:–

कोई भी वस्तु  टैग के रूप में पंजीकृत होने के बाद 10 वर्ष के लिए वैध होती है

GI पंजीकरण की देखरेख:-

वाणिज्य तथा उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग द्वारा ।

विधिक ढाँचा तथा दायित्व:

वस्तुओं का भौगोलिक उपदर्शन (रजिस्ट्रीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999 के द्वारा  भारत में वस्तुओं से संबंधित भौगोलिक संकेतकों के पंजीकरण और उनके  संरक्षण प्रदान करने का अधिकार प्रदान  करता है।

यह बौद्धिक संपदा अधिकार के व्यापार-संबंधित पहलुओं (TRIPS) पर WTO समझौते द्वारा विनियमित एवं निर्देशित है।

औद्योगिक संपत्ति और भौगोलिक संकेतों की सुरक्षा के संदर्भ में इसके विशेष  महत्त्व को पेरिस कन्वेंशन के अनुच्छेद 1(2) एवं 10 में स्वीकार किया गया ।

भारत में कौन प्रदान करता है GI Tag :–

साल 1999 में भारत में  जीआई टैग के लिए कानून 

साल 2003 में :– प्रक्रिया शुरू हुई 

इसी के तहत साल 2004 में पहला जीआई टैग प्रदान । 

भारत में ही  टैग :–  इंडियन ज्योग्राफिकल रजिस्ट्री द्वार दिया जाता है। 

यह चेन्नई  में स्थित स्थित है 

गुजरात :– कच्छ रोगन शिल्प और अम्बाजी सफेद संगमरमर

त्रिपुरा :–  रिसा वस्त्र

तेलंगाना :– हैदराबाद की लाख चूड़ियां

ओडिशा :– कटक रुपा तारकशी (सिल्वर फिलीग्री)

यह कलाकारी  फारस में लोकप्रिय थी 

मेसोपोटामिया में इससे आभूषण बनाए जाते थे 

वहां से यह  इंडोनेशिया पहुंची और फिर कटक।

मेसोपोटामिया  (वर्तमान इराक)  में  लगभग 3500 ईसा पूर्व में इसका प्रयोग किया जाता था 

असम :– माजुली मास्क और माजुली पांडुलिपि चित्रकला

मध्य प्रदेश :–  रतलाम रियावन लहसुन

पश्चिम बंगाल :– बांग्लार मलमल

(  कपास से बनाया या  एक पारंपरिक हथकरघा शिल्प ) 

आंध्र प्रदेश :– नरसापुर क्रोशे लेस उत्पाद

भारत का पहला GI टैग :– 

दार्जिलिंग की चाय :– साल 2004 में

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2 thoughts on “सरकार द्वारा हाल ही में दस नए  उत्पादों  को  भौगोलिक संकेतक (GI) देने की घोषणा की”

  1. Good Morning
    Dear Abhy sir..
    Ye 7 April ke hai…
    6 April ke kaha gayab ho gai…🤔
    And
    Sunil sir….
    Apne apne kia kuchh nhi kya humare liy….
    Hum bhi apke liy kuchh karna chahate hai……
    Sir chhota muh badi baat aap ke liy kia hi karinge hum…
    Par sir Monday se ramzan ane wake hai or is Month jo bhi maango wo 100% Milta hai….
    Hum apke dua pray karinge jo hum always karte hai par hum special karna chahate hai dear sir aap bataiy hum Aapke or Apki taem ke liy kia maange…..
    Kia chahiy hume sunil or unki team ko.
    Jo hum ramzan ke mahine mai dua karke apke or apki taem ke liy paa linge🤗

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