Modern History — Daily MCQ
1. आधुनिक भारत के इतिहास में कांग्रेस से पूर्व स्थापित राजनीतिक संस्थाओं के संदर्भ में, सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:
सूची-I (संस्था)
1. ईस्ट इंडिया एसोसिएशन
2. इंडियन लीग
3. इंडियन एसोसिएशन ऑफ कलकत्ता
4. बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन
1. ईस्ट इंडिया एसोसिएशन
2. इंडियन लीग
3. इंडियन एसोसिएशन ऑफ कलकत्ता
4. बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन
सूची-II (संस्थापक)
(a) फिरोजशाह मेहता, के.टी. तेलंग और बदरुद्दीन तैयबजी
(b) सुरेंद्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस
(c) शिशिर कुमार घोष
(d) दादाभाई नौरोजी
(a) फिरोजशाह मेहता, के.टी. तेलंग और बदरुद्दीन तैयबजी
(b) सुरेंद्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस
(c) शिशिर कुमार घोष
(d) दादाभाई नौरोजी
कूट (Code):
(a) 1-(a), 2-(b), 3-(c), 4-(d)
(b) 1-(d), 2-(c), 3-(b), 4-(a)
(c) 1-(d), 2-(b), 3-(c), 4-(a)
(d) 1-(c), 2-(d), 3-(a), 4-(b)
उत्तर Show करें
उत्तर: (b) 1-(d), 2-(c), 3-(b), 4-(a)
व्याख्या:
व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (1885) की स्थापना से पूर्व देश और विदेशों में राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण राजनीतिक संगठन बनाए गए थे, जिनका सही सुमेलित क्रम और तिथियाँ इस प्रकार हैं:
1 का मिलान (d) से होगा (ईस्ट इंडिया एसोसिएशन): इसकी स्थापना दादाभाई नौरोजी द्वारा वर्ष 1866 में लंदन में की गई थी, ताकि ब्रिटिश जनता और वहां के सांसदों को भारत की समस्याओं से अवगत कराया जा सके।
2 का मिलान (c) से होगा (इंडियन लीग): राष्ट्रवादी भावना जगाने और लोगों में राजनीतिक चेतना का विस्तार करने के उद्देश्य से वर्ष 1875 में शिशिर कुमार घोष द्वारा कलकत्ता में इसकी शुरुआत की गई थी।
3 का मिलान (b) से होगा (इंडियन एसोसिएशन ऑफ कलकत्ता): यह कांग्रेस से पूर्व की सबसे महत्वपूर्ण संस्था थी, जिसकी स्थापना वर्ष 1876 में सुरेंद्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस द्वारा की गई थी। इसे 'भारत संघ' भी कहा जाता है।
4 का मिलान (a) से होगा (बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन): वर्ष 1885 में बॉम्बे में फिरोजशाह मेहता, के.टी. तेलंग और बदरुद्दीन तैयबजी (जिन्हें 'बॉम्बे की त्रिमूर्ति' कहा जाता है) द्वारा इसकी स्थापना की गई थी।
अतः, सभी का सही मिलान करने पर कूट का सही क्रम विकल्प (b) है।
व्याख्या:
व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (1885) की स्थापना से पूर्व देश और विदेशों में राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण राजनीतिक संगठन बनाए गए थे, जिनका सही सुमेलित क्रम और तिथियाँ इस प्रकार हैं:
1 का मिलान (d) से होगा (ईस्ट इंडिया एसोसिएशन): इसकी स्थापना दादाभाई नौरोजी द्वारा वर्ष 1866 में लंदन में की गई थी, ताकि ब्रिटिश जनता और वहां के सांसदों को भारत की समस्याओं से अवगत कराया जा सके।
2 का मिलान (c) से होगा (इंडियन लीग): राष्ट्रवादी भावना जगाने और लोगों में राजनीतिक चेतना का विस्तार करने के उद्देश्य से वर्ष 1875 में शिशिर कुमार घोष द्वारा कलकत्ता में इसकी शुरुआत की गई थी।
3 का मिलान (b) से होगा (इंडियन एसोसिएशन ऑफ कलकत्ता): यह कांग्रेस से पूर्व की सबसे महत्वपूर्ण संस्था थी, जिसकी स्थापना वर्ष 1876 में सुरेंद्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस द्वारा की गई थी। इसे 'भारत संघ' भी कहा जाता है।
4 का मिलान (a) से होगा (बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन): वर्ष 1885 में बॉम्बे में फिरोजशाह मेहता, के.टी. तेलंग और बदरुद्दीन तैयबजी (जिन्हें 'बॉम्बे की त्रिमूर्ति' कहा जाता है) द्वारा इसकी स्थापना की गई थी।
अतः, सभी का सही मिलान करने पर कूट का सही क्रम विकल्प (b) है।
2. निम्नलिखित में से किसने 1918 ई. में 'यूनाइटेड प्रविंसेज किसान सभा' की स्थापना भी की थी?
(a) महामना मालवीय
(b) बाबा रामचंद्र
(c) इंद्र नारायण द्विवेदी
(d) झिंगुरी सिंह
उत्तर Show करें
उत्तर: (c) इंद्र नारायण द्विवेदी
व्याख्या:
व्याख्या: उत्तर प्रदेश (तत्कालीन संयुक्त प्रांत) के किसानों को जमींदारों के अत्याचारों और बेदखली के खिलाफ संगठित करने के लिए फरवरी 1918 में इंद्र नारायण द्विवेदी और गौरी शंकर मिश्रा ने महामना मदन मोहन मालवीय के विधिक सहयोग से 'यूनाइटेड प्रविंसेज किसान सभा' की स्थापना की थी; जबकि बाबा रामचंद्र और झिंगुरी सिंह जैसे प्रतापी नेताओं ने इसके बाद अवध के क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर किसान आंदोलनों को व्यापक गति दी थी।
व्याख्या:
व्याख्या: उत्तर प्रदेश (तत्कालीन संयुक्त प्रांत) के किसानों को जमींदारों के अत्याचारों और बेदखली के खिलाफ संगठित करने के लिए फरवरी 1918 में इंद्र नारायण द्विवेदी और गौरी शंकर मिश्रा ने महामना मदन मोहन मालवीय के विधिक सहयोग से 'यूनाइटेड प्रविंसेज किसान सभा' की स्थापना की थी; जबकि बाबा रामचंद्र और झिंगुरी सिंह जैसे प्रतापी नेताओं ने इसके बाद अवध के क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर किसान आंदोलनों को व्यापक गति दी थी।
3. जयप्रकाश नारायण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वह भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान दीपावली की रात हजारीबाग जेल से फरार हो गए थे।
2. उन्होंने सदस्यों को गुरिल्ला युद्ध में प्रशिक्षित करने के लिए नेपाल में 'बकरी का टपु' पर 'आज़ाद दस्ता' की स्थापना की थी।
3. उन्हें "द हार्ट ऑफ़ इंडिया" के रूप में मान्यता प्राप्त थी तथा उन्होंने 1974 में संपूर्ण क्रांति का नेतृत्व किया था।
4. उन्हें सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान नासिक जेल में रखा गया था तथा 1999 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
निम्नलिखित में से सही विकल्प का चयन करें:
1. वह भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान दीपावली की रात हजारीबाग जेल से फरार हो गए थे।
2. उन्होंने सदस्यों को गुरिल्ला युद्ध में प्रशिक्षित करने के लिए नेपाल में 'बकरी का टपु' पर 'आज़ाद दस्ता' की स्थापना की थी।
3. उन्हें "द हार्ट ऑफ़ इंडिया" के रूप में मान्यता प्राप्त थी तथा उन्होंने 1974 में संपूर्ण क्रांति का नेतृत्व किया था।
4. उन्हें सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान नासिक जेल में रखा गया था तथा 1999 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
निम्नलिखित में से सही विकल्प का चयन करें:
(a) केवल 1, 2 और 3 सही हैं
(b) केवल 2, 3 और 4 सही हैं
(c) केवल 1, 3 और 4 सही हैं
(d) उपरोक्त सभी सही हैं
उत्तर Show करें
उत्तर: (d)
व्याख्या:
व्याख्या:
कथन 1 सही है: भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान, जयप्रकाश नारायण ने अपने पांच अन्य सहयोगियों के साथ दीपावली की रात हजारीबाग जेल से ऐतिहासिक रूप से पलायन किया था और गुप्त रूप से आंदोलन का संचालन किया था।
कथन 2 सही है: उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन के सिलसिले में नेपाल के राजविलास जंगलों के अंतर्गत 'बकरी का टपु' में 'आज़ाद दस्ता' की नींव रखी थी, जिसका मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को गुरिल्ला युद्ध प्रणाली में प्रशिक्षित करना था।
कथन 3 सही है: उन्हें "द हार्ट ऑफ़ इंडिया" तथा "द किंग ऑफ़ द हार्ट्स ऑफ़ the यूथ" की उपाधियों से विभूषित किया गया था, और उन्होंने वर्ष 1974 में राजनीतिक व्यवस्था के विरुद्ध संपूर्ण क्रांति का सफल आह्वान किया था।
कथन 4 सही है: सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरन उन्हें नासिक जेल में बंद रखा गया था, तथा उनके राष्ट्र के प्रति अतुलनीय योगदान के फलस्वरूप उन्हें 1999 में मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से अलंकृत किया गया था।
व्याख्या:
व्याख्या:
कथन 1 सही है: भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान, जयप्रकाश नारायण ने अपने पांच अन्य सहयोगियों के साथ दीपावली की रात हजारीबाग जेल से ऐतिहासिक रूप से पलायन किया था और गुप्त रूप से आंदोलन का संचालन किया था।
कथन 2 सही है: उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन के सिलसिले में नेपाल के राजविलास जंगलों के अंतर्गत 'बकरी का टपु' में 'आज़ाद दस्ता' की नींव रखी थी, जिसका मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को गुरिल्ला युद्ध प्रणाली में प्रशिक्षित करना था।
कथन 3 सही है: उन्हें "द हार्ट ऑफ़ इंडिया" तथा "द किंग ऑफ़ द हार्ट्स ऑफ़ the यूथ" की उपाधियों से विभूषित किया गया था, और उन्होंने वर्ष 1974 में राजनीतिक व्यवस्था के विरुद्ध संपूर्ण क्रांति का सफल आह्वान किया था।
कथन 4 सही है: सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरन उन्हें नासिक जेल में बंद रखा गया था, तथा उनके राष्ट्र के प्रति अतुलनीय योगदान के फलस्वरूप उन्हें 1999 में मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से अलंकृत किया गया था।
4. 1919 में नियुक्त बेबिंगटन-स्मिथ समिति का प्राथमिक उद्देश्य क्या था?
(a) रॉलेट एक्ट के तहत अंग्रेजों द्वारा की गई ज्यादतियों की जाँच करना
(b) भारतीय विनिमय, मुद्रा प्रणाली और नोट जारी करने की प्रथाओं पर युद्ध के प्रभाव का अध्ययन करना
(c) एक नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार करना
(d) अकाल के कारणों की जाँच करना, सामान्य सिद्धांत तैयार करना तथा निवारक और सुरक्षात्मक उपायों का सुझाव देना
उत्तर Show करें
उत्तर: (b)
व्याख्या:
व्याख्या: ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) की समाप्ति के बाद मई 1919 में सर हेनरी बेबिंगटन-स्मिथ की अध्यक्षता में एक शाही समिति का गठन किया गया था, जिसका प्राथमिक उद्देश्य युद्ध के कारण भारतीय विनिमय दर, घरेलू बैंकिंग, मुद्रा प्रणाली और पेपर नोट जारी करने की विधिक प्रथाओं पर पड़े विनाशकारी वित्तीय प्रभावों का बारीकी से अध्ययन करना और भारतीय रुपये को स्थिरता देने के लिए आवश्यक आर्थिक सुधारों का सुझाव देना था; इस समिति ने रुपये की विनिमय दर को सोने (Gold Standard) के साथ सीधे जोड़ने की सिफारिश की थी ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रुपये की क्रय शक्ति को मजबूत किया जा सके, इसलिए वित्तीय इतिहास के अनुसार सही उत्तर विकल्प (b) है।
व्याख्या:
व्याख्या: ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) की समाप्ति के बाद मई 1919 में सर हेनरी बेबिंगटन-स्मिथ की अध्यक्षता में एक शाही समिति का गठन किया गया था, जिसका प्राथमिक उद्देश्य युद्ध के कारण भारतीय विनिमय दर, घरेलू बैंकिंग, मुद्रा प्रणाली और पेपर नोट जारी करने की विधिक प्रथाओं पर पड़े विनाशकारी वित्तीय प्रभावों का बारीकी से अध्ययन करना और भारतीय रुपये को स्थिरता देने के लिए आवश्यक आर्थिक सुधारों का सुझाव देना था; इस समिति ने रुपये की विनिमय दर को सोने (Gold Standard) के साथ सीधे जोड़ने की सिफारिश की थी ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रुपये की क्रय शक्ति को मजबूत किया जा सके, इसलिए वित्तीय इतिहास के अनुसार सही उत्तर विकल्प (b) है।
5. भारत में फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की गतिविधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
(a) केवल एक
(b) केवल दो
(c) केवल तीन
(d) सभी चारों
उत्तर Show करें
उत्तर: (c) केवल तीन
व्याख्या:
व्याख्या:
कथन 1 सही है: फ्रांस के राजा लुई XIV के प्रसिद्ध वित्त मंत्री जीन-बैप्टिस्ट कोलबर्ट के प्रयासों से वर्ष 1664 में 'कंपनी डेस इंडेस ओरिएंटेल्स' (फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी) का गठन किया गया था। ब्रिटिश और डच कंपनियों का मुकाबला करने के लिए इस सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी को हिंद और प्रशांत महासागरों में व्यापार करने के लिए 50 वर्षों का विधिक व्यापारिक एकाधिकार प्रदान किया गया था।
कथन 2 सही है: वर्ष 1674 में मसूलीपट्टनम कारखाने के निदेशक फ्रैंकोइस मार्टिन ने बीजापुर के सुल्तान के अधीन वलीकोंडापुरम के सूबेदार से एक क्षेत्र प्राप्त किया, जिसे पांडिचेरी (पुडुचेरी) के रूप में विकसित किया गया। यह स्थल आगे चलकर भारत में फ्रांसीसी प्रशासनिक और राजनीतिक शक्ति का मुख्य मुख्यालय और केंद्रीय केंद्र बना।
कथन 3 सही है: यूरोप में नौ वर्षीय युद्ध के दौरान डचों ने 1693 में फ्रांसीसियों से पांडिचेरी छीन लिया था। इसके बाद सितंबर 1697 में हस्ताक्षरित 'रिसविक की संधि' (Treaty of Ryswick) द्वारा युद्ध समाप्त हुआ और इस विधिक समझौते के तहत डचों द्वारा पांडिचेरी को पुनः फ्रांसीसियों को लौटा दिया गया, जिससे उन्हें भारत में अपने व्यापारिक क्षेत्रों को बनाए रखने की अनुमति मिली।
कथन 4 गलत है: फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में व्यापार के मार्ग के रूप में शुरुआत में मेडागास्कर (फोर्ट डॉफिन) में बस्तियाँ बसाने की कोशिश की थी। परंतु स्थानीय लोगों के विरोध, महामारियों और खराब प्रबंधन के कारण वे बुरी तरह विफल रहे और वर्ष 1674 तक उन्होंने मेडागास्कर को पूरी तरह छोड़ दिया; अतः वे वहाँ कोई स्थायी उपनिवेश स्थापित नहीं कर पाए थे।
व्याख्या:
व्याख्या:
कथन 1 सही है: फ्रांस के राजा लुई XIV के प्रसिद्ध वित्त मंत्री जीन-बैप्टिस्ट कोलबर्ट के प्रयासों से वर्ष 1664 में 'कंपनी डेस इंडेस ओरिएंटेल्स' (फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी) का गठन किया गया था। ब्रिटिश और डच कंपनियों का मुकाबला करने के लिए इस सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी को हिंद और प्रशांत महासागरों में व्यापार करने के लिए 50 वर्षों का विधिक व्यापारिक एकाधिकार प्रदान किया गया था।
कथन 2 सही है: वर्ष 1674 में मसूलीपट्टनम कारखाने के निदेशक फ्रैंकोइस मार्टिन ने बीजापुर के सुल्तान के अधीन वलीकोंडापुरम के सूबेदार से एक क्षेत्र प्राप्त किया, जिसे पांडिचेरी (पुडुचेरी) के रूप में विकसित किया गया। यह स्थल आगे चलकर भारत में फ्रांसीसी प्रशासनिक और राजनीतिक शक्ति का मुख्य मुख्यालय और केंद्रीय केंद्र बना।
कथन 3 सही है: यूरोप में नौ वर्षीय युद्ध के दौरान डचों ने 1693 में फ्रांसीसियों से पांडिचेरी छीन लिया था। इसके बाद सितंबर 1697 में हस्ताक्षरित 'रिसविक की संधि' (Treaty of Ryswick) द्वारा युद्ध समाप्त हुआ और इस विधिक समझौते के तहत डचों द्वारा पांडिचेरी को पुनः फ्रांसीसियों को लौटा दिया गया, जिससे उन्हें भारत में अपने व्यापारिक क्षेत्रों को बनाए रखने की अनुमति मिली।
कथन 4 गलत है: फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में व्यापार के मार्ग के रूप में शुरुआत में मेडागास्कर (फोर्ट डॉफिन) में बस्तियाँ बसाने की कोशिश की थी। परंतु स्थानीय लोगों के विरोध, महामारियों और खराब प्रबंधन के कारण वे बुरी तरह विफल रहे और वर्ष 1674 तक उन्होंने मेडागास्कर को पूरी तरह छोड़ दिया; अतः वे वहाँ कोई स्थायी उपनिवेश स्थापित नहीं कर पाए थे।
6. केंद्रीय विधानसभा के निम्नलिखित चुनावों में से कौन-सा/से भारत सरकार अधिनियम, 1919 के तहत आयोजित किया गया था/किए गए थे?
(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर Show करें
उत्तर: (c) केवल 1 और 3
व्याख्या:
व्याख्या: भारत के संवैधानिक इतिहास के संदर्भ में विकल्प (c) पूरी तरह सही उत्तर है क्योंकि भारत सरकार अधिनियम, 1919 के तहत वर्ष 1926 और 1945 में केंद्रीय विधानसभा के चुनाव आयोजित किए गए थे, जिसमें कथन 1 सही है क्योंकि इस अधिनियम द्वारा केंद्र में स्थापित द्विसदनीय विधायिका के लिए 1920 से 1934 के बीच कई चुनाव हुए, और कथन 3 भी सही है क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1945 का अंतिम चुनाव इसी 1919 के अधिनियम के विधिक ढांचे के तहत हुआ था क्योंकि 1935 के अधिनियम का संघीय हिस्सा कभी लागू नहीं हो सका था, जबकि इसके विपरीत कथन 2 गलत है क्योंकि वर्ष 1937 के ऐतिहासिक प्रांतीय असेंबली के चुनाव भारत सरकार अधिनियम, 1935 के प्रावधानों के तहत आयोजित किए गए थे न कि 1919 के अधिनियम के तहत।
व्याख्या:
व्याख्या: भारत के संवैधानिक इतिहास के संदर्भ में विकल्प (c) पूरी तरह सही उत्तर है क्योंकि भारत सरकार अधिनियम, 1919 के तहत वर्ष 1926 और 1945 में केंद्रीय विधानसभा के चुनाव आयोजित किए गए थे, जिसमें कथन 1 सही है क्योंकि इस अधिनियम द्वारा केंद्र में स्थापित द्विसदनीय विधायिका के लिए 1920 से 1934 के बीच कई चुनाव हुए, और कथन 3 भी सही है क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1945 का अंतिम चुनाव इसी 1919 के अधिनियम के विधिक ढांचे के तहत हुआ था क्योंकि 1935 के अधिनियम का संघीय हिस्सा कभी लागू नहीं हो सका था, जबकि इसके विपरीत कथन 2 गलत है क्योंकि वर्ष 1937 के ऐतिहासिक प्रांतीय असेंबली के चुनाव भारत सरकार अधिनियम, 1935 के प्रावधानों के तहत आयोजित किए गए थे न कि 1919 के अधिनियम के तहत।
7. लॉर्ड कर्जन के वायसराय काल (1899-1905) के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सुधार हेतु गठित किए गए आयोगों और उनके अध्यक्षों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
| क्र.सं. | आयोग | अध्यक्ष |
|---|---|---|
| 1) | सिंचाई आयोग | टॉमस रैले |
| 2) | पुलिस आयोग | सर एंथनी मैकडोनल |
| 3) | अकाल आयोग | सर एंड्रयू फ्रेज़र |
| 4) | रेलवे बोर्ड पुनर्गठन | सर थॉमस रॉबर्टसन |
उपरोक्त युग्मों में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
(a) केवल एक युग्म
(b) केवल दो युग्म
(c) केवल तीन युग्म
(d) सभी चारों युग्म
उत्तर Show करें
उत्तर: (a) केवल एक युग्म
व्याख्या:
व्याख्या:
युग्म 1) गलत सुमेलित है: वर्ष 1901 में गठित किया गया सिंचाई आयोग टॉमस रैले की अध्यक्षता में नहीं, बल्कि सर कॉलिन स्कॉट-मोनक्रीफ की अध्यक्षता में बनाया गया था।
युग्म 2) गलत सुमेलित है: वर्ष 1902 में गठित प्रसिद्ध पुलिस आयोग के अध्यक्ष सर एंथनी मैकडोनल नहीं थे, बल्कि इसके अध्यक्ष सर एंड्रयू फ्रेज़र थे।
युग्म 3) गलत सुमेलित है: वर्ष 1899-1900 के भीषण अकाल की जांच के लिए गठित किए गए अकाल आयोग के अध्यक्ष सर एंड्रयू फ्रेज़र नहीं, बल्कि सर एंथनी मैकडोनल थे।
युग्म 4) सही सुमेलित है: लॉर्ड कर्जन के काल में रेलवे के विकास और प्रशासनिक ढांचे की रूपरेखा तैयार करने के लिए वर्ष 1901 में गठित विशेष आयोग के अध्यक्ष सर थॉमस रॉबर्टसन ही थे।
व्याख्या:
व्याख्या:
युग्म 1) गलत सुमेलित है: वर्ष 1901 में गठित किया गया सिंचाई आयोग टॉमस रैले की अध्यक्षता में नहीं, बल्कि सर कॉलिन स्कॉट-मोनक्रीफ की अध्यक्षता में बनाया गया था।
युग्म 2) गलत सुमेलित है: वर्ष 1902 में गठित प्रसिद्ध पुलिस आयोग के अध्यक्ष सर एंथनी मैकडोनल नहीं थे, बल्कि इसके अध्यक्ष सर एंड्रयू फ्रेज़र थे।
युग्म 3) गलत सुमेलित है: वर्ष 1899-1900 के भीषण अकाल की जांच के लिए गठित किए गए अकाल आयोग के अध्यक्ष सर एंड्रयू फ्रेज़र नहीं, बल्कि सर एंथनी मैकडोनल थे।
युग्म 4) सही सुमेलित है: लॉर्ड कर्जन के काल में रेलवे के विकास और प्रशासनिक ढांचे की रूपरेखा तैयार करने के लिए वर्ष 1901 में गठित विशेष आयोग के अध्यक्ष सर थॉमस रॉबर्टसन ही थे।
8. डॉ. बी. आर. अंबेडकर से जुड़ी निम्नलिखित महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं पर विचार कीजिए तथा उनके सबसे पहले घटित होने वाले सही कालानुक्रमिक क्रम की पहचान कीजिए:
(a) डॉ. अंबेडकर द्वारा शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन की स्थापना
(b) महात्मा गांधी और डॉ. अंबेडकर के बीच ऐतिहासिक पूना पैक्ट पर हस्ताक्षर
(c) डॉ. अंबेडकर द्वारा बहिष्कृत हितकारिणी सभा का शुभारंभ
(d) डॉ. अंबेडकर द्वारा अछूतों के विधिक जल अधिकारों हेतु महाड़ सत्याग्रह का नेतृत्व
उत्तर Show करें
उत्तर: (c) डॉ. अंबेडकर द्वारा बहिष्कृत हितकारिणी सभा
व्याख्या:
व्याख्या: प्रश्न में दी गई डॉ. बी. आर. अंबेडकर के सामाजिक-राजनीतिक संघर्षों से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण घटनाओं का विधिक व ऐतिहासिक कालानुक्रम इस प्रकार है:
(c) बहिष्कृत हितकारिणी सभा का शुभारंभ सबसे पहले वर्ष 1924 (20 जुलाई) में बंबई (मुंबई) में दलितों की शिक्षा और सामाजिक-आर्थिक उत्थान के विधिक उद्देश्य से किया गया था।
(d) महाड़ सत्याग्रह का नेतृत्व इसके बाद वर्ष 1927 (20 मार्च) में महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के महाड़ नामक स्थान पर सार्वजनिक चवदार तालाब से अछूतों को पानी पीने का विधिक अधिकार दिलाने हेतु किया गया था।
(b) पूना पैक्ट पर हस्ताक्षर इसके बाद वर्ष 1932 (24 सितंबर) को यरवदा केंद्रीय जेल में महात्मा गांधी और डॉ. अंबेडकर के बीच दलित वर्गों के लिए प्रांतीय विधानसभाओं में आरक्षित सीटों के निर्धारण हेतु किए गए थे।
(a) शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन की स्थापना सबसे अंत में वर्ष 1942 (जुलाई) में एक अखिल भारतीय राजनेतिक दल के रूप में दलितों के अधिकारों की वकालत करने के लिए विधिक रूप से की गई थी।
व्याख्या:
व्याख्या: प्रश्न में दी गई डॉ. बी. आर. अंबेडकर के सामाजिक-राजनीतिक संघर्षों से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण घटनाओं का विधिक व ऐतिहासिक कालानुक्रम इस प्रकार है:
(c) बहिष्कृत हितकारिणी सभा का शुभारंभ सबसे पहले वर्ष 1924 (20 जुलाई) में बंबई (मुंबई) में दलितों की शिक्षा और सामाजिक-आर्थिक उत्थान के विधिक उद्देश्य से किया गया था।
(d) महाड़ सत्याग्रह का नेतृत्व इसके बाद वर्ष 1927 (20 मार्च) में महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के महाड़ नामक स्थान पर सार्वजनिक चवदार तालाब से अछूतों को पानी पीने का विधिक अधिकार दिलाने हेतु किया गया था।
(b) पूना पैक्ट पर हस्ताक्षर इसके बाद वर्ष 1932 (24 सितंबर) को यरवदा केंद्रीय जेल में महात्मा गांधी और डॉ. अंबेडकर के बीच दलित वर्गों के लिए प्रांतीय विधानसभाओं में आरक्षित सीटों के निर्धारण हेतु किए गए थे।
(a) शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन की स्थापना सबसे अंत में वर्ष 1942 (जुलाई) में एक अखिल भारतीय राजनेतिक दल के रूप में दलितों के अधिकारों की वकालत करने के लिए विधिक रूप से की गई थी।
9. 18वीं सदी में भारत में लड़े गए युद्धों का निम्नलिखित में से सही कालानुक्रम कौन-सा है?
(a) वांडीवाश युद्ध - बक्सर युद्ध - अम्बर युद्ध - प्लासी युद्ध
(b) अम्बर युद्ध - प्लासी युद्ध - वांडीवाश युद्ध - बक्सर युद्ध
(c) वांडीवाश युद्ध - प्लासी युद्ध - अम्बर युद्ध - बक्सर युद्ध
(d) अम्बर युद्ध - बक्सर युद्ध - वांडीवाश युद्ध - प्लासी युद्ध
उत्तर Show करें
उत्तर: (b) अम्बर युद्ध - प्लासी युद्ध - वांडीवाश युद्ध - बक्सर युद्ध
व्याख्या:
व्याख्या: 18वीं शताब्दी में भारतीय उपमहाद्वीप पर लड़े गए इन चारों ऐतिहासिक युद्धों का बिल्कुल सही विन्यास और कालानुक्रम इस प्रकार है:
अम्बर का युद्ध (3 अगस्त 1749): यह द्वितीय कर्नाटक युद्ध का हिस्सा था, जिसमें फ्रांसीसी सेना, मुजफ्फर जंग और चंदा साहब के संयुक्त मोर्चे ने कर्नाटक के नवाब अनवारुद्दीन को पराजित किया था.
प्लासी का युद्ध (23 जून 1757): इसमें रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को शिकस्त दी थी, जिसने भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव रखी.
वांडीवाश का युद्ध (22 जनवरी 1760): यह तीसरे कर्नाटक युद्ध (सप्तवर्षीय युद्ध) के दौरान लड़ा गया एक निर्णायक संघर्ष था, जिसमें ब्रिटिश सेना ने फ्रांसीसियों को बुरी तरह हराकर उनके भारतीय साम्राज्य के सपनों को समाप्त कर दिया था.
बक्सर का युद्ध (22 अक्टूबर 1764): इसमें मेजर हेक्टर मुनरो के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने बंगाल के मीर कासिम, अवध के शुजाउद्दौला और मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय की संयुक्त भारतीय सेना को पराजित किया था.
व्याख्या:
व्याख्या: 18वीं शताब्दी में भारतीय उपमहाद्वीप पर लड़े गए इन चारों ऐतिहासिक युद्धों का बिल्कुल सही विन्यास और कालानुक्रम इस प्रकार है:
अम्बर का युद्ध (3 अगस्त 1749): यह द्वितीय कर्नाटक युद्ध का हिस्सा था, जिसमें फ्रांसीसी सेना, मुजफ्फर जंग और चंदा साहब के संयुक्त मोर्चे ने कर्नाटक के नवाब अनवारुद्दीन को पराजित किया था.
प्लासी का युद्ध (23 जून 1757): इसमें रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को शिकस्त दी थी, जिसने भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव रखी.
वांडीवाश का युद्ध (22 जनवरी 1760): यह तीसरे कर्नाटक युद्ध (सप्तवर्षीय युद्ध) के दौरान लड़ा गया एक निर्णायक संघर्ष था, जिसमें ब्रिटिश सेना ने फ्रांसीसियों को बुरी तरह हराकर उनके भारतीय साम्राज्य के सपनों को समाप्त कर दिया था.
बक्सर का युद्ध (22 अक्टूबर 1764): इसमें मेजर हेक्टर मुनरो के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने बंगाल के मीर कासिम, अवध के शुजाउद्दौला और मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय की संयुक्त भारतीय सेना को पराजित किया था.
10. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ऐतिहासिक अधिवेशनों और उनके अध्यक्षों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 2 और 4
(c) केवल 2, 3 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4
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उत्तर: (b) केवल 2 और 4
व्याख्या:
व्याख्या:
कथन 1) गलत है: कांग्रेस की अध्यक्ष बनने वाली प्रथम महिला एनी बेसेंट (1917, कलकत्ता अधिवेशन) थीं, जबकि सरोजिनी नायडू कांग्रेस की अध्यक्ष बनने वाली प्रथम भारतीय महिला (1925, कानपुर अधिवेशन) थीं।
कथन 2) सही है: वर्ष 1921 के अहमदाबाद अधिवेशन के लिए चितरंजन दास (सी. आर. दास) को अध्यक्ष चुना गया था, लेकिन उनके जेल में होने के कारण हकीम अजमल खान ने कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था।
कथन 3) गलत है: ए.ओ. ह्यूम कांग्रेस के संस्थापक और महासचिव थे, वे कभी अध्यक्ष नहीं बने। कांग्रेस के पहले ब्रिटिश अध्यक्ष जॉर्ज यूल (1888, इलाहाबाद अधिवेशन) थे।
कथन 4) सही है: दादाभाई नौरोजी तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे - पहली बार 1886 (कलकत्ता), दूसरी बार 1893 (लाहौर) और तीसरी बार 1906 (कलकत्ता) के अधिवेशन में।
व्याख्या:
व्याख्या:
कथन 1) गलत है: कांग्रेस की अध्यक्ष बनने वाली प्रथम महिला एनी बेसेंट (1917, कलकत्ता अधिवेशन) थीं, जबकि सरोजिनी नायडू कांग्रेस की अध्यक्ष बनने वाली प्रथम भारतीय महिला (1925, कानपुर अधिवेशन) थीं।
कथन 2) सही है: वर्ष 1921 के अहमदाबाद अधिवेशन के लिए चितरंजन दास (सी. आर. दास) को अध्यक्ष चुना गया था, लेकिन उनके जेल में होने के कारण हकीम अजमल खान ने कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था।
कथन 3) गलत है: ए.ओ. ह्यूम कांग्रेस के संस्थापक और महासचिव थे, वे कभी अध्यक्ष नहीं बने। कांग्रेस के पहले ब्रिटिश अध्यक्ष जॉर्ज यूल (1888, इलाहाबाद अधिवेशन) थे।
कथन 4) सही है: दादाभाई नौरोजी तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे - पहली बार 1886 (कलकत्ता), दूसरी बार 1893 (लाहौर) और तीसरी बार 1906 (कलकत्ता) के अधिवेशन में।
