Geography
Daily MCQ
2. कृष्णा नदी सीधे कोल्लेरू झील को जल प्रदान करती है।
3. गंडक नदी के घुमावदार मार्ग से कंवर झील का निर्माण हुआ।
ऊपर दिए गए कथनों में से कितने सही हैं?
कथन 1 — सही: झेलम नदी कश्मीर घाटी की महत्वपूर्ण नदी है और वुलर झील से होकर गुजरती है।
वुलर झील झेलम के जल-प्रवाह को नियंत्रित करने तथा बाढ़ के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कथन 2 — गलत: कोल्लेरू झील आंध्र प्रदेश में कृष्णा और गोदावरी डेल्टा के बीच स्थित मीठे पानी की झील है। इसे मुख्यतः बुडमेरु और तम्मिलेरु जैसी धाराओं से जल प्राप्त होता है; कृष्णा नदी सीधे इसमें प्रवाहित नहीं होती।
कथन 3 — गलत: कंवर झील या काबर ताल बिहार के बेगूसराय में स्थित प्रसिद्ध मीठे पानी की आर्द्रभूमि है। इसका निर्माण बूढ़ी गंडक नदी के पुराने घुमावदार प्रवाह-पथ से संबंधित है, न कि मुख्य गंडक नदी के घुमाव से।
1. कामराजर बंदरगाह — भारत का पहला प्रमुख बंदरगाह जो कंपनी के रूप में पंजीकृत हुआ
2. मुंद्रा बंदरगाह — भारत का सबसे बड़ा निजी स्वामित्व वाला बंदरगाह
3. विशाखापत्तनम — भारत का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह
ऊपर दिए गए जोड़ों में से कितने सही ढंग से मेल खाते हैं?
युग्म 1 — सही: कामराजर बंदरगाह, जिसे पहले एन्नोर बंदरगाह कहा जाता था, भारत का पहला प्रमुख बंदरगाह था जिसे कंपनी अधिनियम के अंतर्गत कंपनी के रूप में पंजीकृत किया गया था।
युग्म 2 — सही: गुजरात स्थित मुंद्रा बंदरगाह भारत का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का वाणिज्यिक बंदरगाह है और देश के प्रमुख माल परिवहन केंद्रों में शामिल है।
युग्म 3 — गलत: विशाखापत्तनम एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक बंदरगाह है, लेकिन भारत का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह नहीं है। कंटेनर यातायात में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्रमुख बंदरगाहों में शामिल है।
2. महुआ (मधुका इंडिका)
3. सागौन (टेक्टोना ग्रैंडिस)
ऊपर दिए गए वृक्षों में से कितने पर्णपाती वृक्ष हैं?
1. कटहल — गलत: कटहल सदाबहार उष्णकटिबंधीय वृक्ष है। यह मुख्यतः गर्म एवं आर्द्र क्षेत्रों में पाया जाता है। इसके विपरीत, पर्णपाती वृक्ष प्रतिकूल या शुष्क मौसम में जल-संरक्षण के लिए अपनी पत्तियाँ गिराते हैं।
2. महुआ — सही: महुआ पर्णपाती वृक्ष है, जो मुख्यतः मध्य एवं प्रायद्वीपीय भारत के उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों में पाया जाता है। इसके फूल, फल और बीज ग्रामीण एवं जनजातीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
3. सागौन — सही: सागौन उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों की प्रमुख प्रजाति है। शुष्क ऋतु में इसकी पत्तियाँ झड़ जाती हैं। भारत में इसके प्राकृतिक वन मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ आदि में पाए जाते हैं। इसकी लकड़ी टिकाऊ होने के कारण आर्थिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अतः — महुआ और सागौन दोनों पर्णपाती हैं।
2. चीन की तुलना में भारत में सिंचित क्षेत्र का अनुपात अधिक है।
3. भारतीय कृषि में प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादकता चीन की तुलना में अधिक है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कितने सही हैं?
कथन 2 सही है: चीन की तुलना में भारत में सिंचित क्षेत्र का अनुपात (Proportion) अधिक है।
आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 48% कृषि क्षेत्र सिंचित है, जबकि चीन में यह आंकड़ा लगभग 41% है।
कथन 1 गलत है (UPSC के अनुसार): हालांकि विश्व बैंक और FAO के कुछ आंकड़ों के अनुसार भारत का कृषि योग्य क्षेत्र (लगभग 156-175 मिलियन हेक्टेयर) चीन (लगभग 120-135 मिलियन हेक्टेयर) से अधिक है, लेकिन आधिकारिक यूपीएससी उत्तर कुंजी में इस कथन को गलत माना गया है।
कुछ अन्य मानकों के तहत चीन के कुल विशाल भूभाग और बहु-फसली चक्र के कारण उसकी कुल बोई गई भूमि की गणना भिन्न हो जाती है।
कथन 3 गलत है: भारतीय कृषि में प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादकता चीन की तुलना में काफी कम है।
बेहतर तकनीक, उच्च स्तर के मशीनीकरण और उर्वरकों के कुशल उपयोग के कारण चीन की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता (जैसे धान, गेहूं आदि में) भारत से लगभग 50% से 100% तक अधिक है।
कच्छ का रण गुजरात में स्थित एक विशाल मौसमी लवणीय आर्द्रभूमि है। भूवैज्ञानिक अतीत में यह क्षेत्र समुद्री प्रभाव के अधीन रहा है। समुद्र-स्तर में दीर्घकालीन परिवर्तन, भू-आकृतिक प्रक्रियाओं और अवसादों के संचयन के परिणामस्वरूप इसका वर्तमान विशाल लवणीय-दलदली स्वरूप विकसित हुआ।
विकल्पों का विश्लेषण:
(a) भीतर्कनिका — मैंग्रोव गलत। इसका विकास मुख्यतः ब्राह्मणी, बैतरणी और धामरा नदियों द्वारा लाए गए अवसादों तथा डेल्टाई परिस्थितियों से हुआ है।
(b) मराक्कनम — नमक के मैदान गलत। यह तमिलनाडु का तटीय नमक उत्पादन क्षेत्र है और प्रश्न में वर्णित भू-आकृतिक प्रक्रिया का सर्वोत्तम उदाहरण नहीं है।
(c) नौपाड़ा — दलदल गलत। यह आंध्र प्रदेश की महत्वपूर्ण तटीय आर्द्रभूमि है, लेकिन इस प्रश्न में वर्णित प्रक्रिया का प्रमुख उदाहरण नहीं है।
(d) कच्छ का रण सही। समुद्री प्रभाव तथा दीर्घकालीन भू-आकृतिक एवं समुद्र-स्तरीय परिवर्तनों से विकसित विशाल लवणीय दलदली क्षेत्र इसका उपयुक्त उदाहरण है।
