HISTORY — DAILY PRACTICE MCQ
MCQ 1
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन-I: राजा राममोहन राय ने वर्ष 1828 में ब्रह्म सभा (बाद में ब्रह्म समाज) की स्थापना की और उन्होंने वेदों तथा उपनिषदों के अकाट्य होने का दावा करते हुए हिंदू धर्म में किसी भी प्रकार के पश्चिमी तार्किक सुधार का विरोध किया।
कथन-II: राजा राममोहन राय एकेश्वरवाद के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने मूर्तिपूजा, अर्थहीन धार्मिक कर्मकांडों तथा सती प्रथा जैसी अमानवीय सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए तर्कसंगत दृष्टिकोण अपनाया था।
उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
कथन-I: राजा राममोहन राय ने वर्ष 1828 में ब्रह्म सभा (बाद में ब्रह्म समाज) की स्थापना की और उन्होंने वेदों तथा उपनिषदों के अकाट्य होने का दावा करते हुए हिंदू धर्म में किसी भी प्रकार के पश्चिमी तार्किक सुधार का विरोध किया।
कथन-II: राजा राममोहन राय एकेश्वरवाद के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने मूर्तिपूजा, अर्थहीन धार्मिक कर्मकांडों तथा सती प्रथा जैसी अमानवीय सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए तर्कसंगत दृष्टिकोण अपनाया था।
उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
(A) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है।
(B) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं परन्तु कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है।
(C) कथन-I सही है किन्तु कथन-II गलत है।
(D) कथन-I गलत है किन्तु कथन-II सही है।
सही उत्तर: (D)
व्याख्या:
कथन-I गलत है: राजा राममोहन राय ने वर्ष 1828 में ब्रह्म सभा (बाद में ब्रह्म समाज) की स्थापना की थी, यह भाग सही है। लेकिन उन्होंने वेदों और उपनिषदों के अकाट्य होने (Infallibility) का दावा नहीं किया था। इसके विपरीत, उन्होंने हिंदू धर्म में पश्चिमी तार्किक सुधारों और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समर्थन किया था (वेदों की अकाट्यत्ता का दावा बाद में स्वामी दयानंद सरस्वती ने किया था)।कथन-II सही है: राजा राममोहन राय एकेश्वरवाद (Monotheism) के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने मूर्तिपूजा, निरर्थक धार्मिक कर्मकांडों और सती प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए हमेशा तर्कसंगत (Rational) और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया था।
MCQ 2
वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन के विरोध में शुरू हुए 'स्वदेशी आंदोलन' के दौरान स्थापित राष्ट्रीय संस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. डॉन सोसाइटी — सतीश चंद्र मुखर्जी
2. बंगाल केमिकल्स स्वदेशी स्टोर्स — प्रफुल्ल चंद्र राय
3. नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन — अरबिंदो घोष (प्रथम प्रधानाचार्य)
उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?
1. डॉन सोसाइटी — सतीश चंद्र मुखर्जी
2. बंगाल केमिकल्स स्वदेशी स्टोर्स — प्रफुल्ल चंद्र राय
3. नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन — अरबिंदो घोष (प्रथम प्रधानाचार्य)
उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?
(A) केवल एक युग्म
(B) केवल दो युग्म
(C) सभी तीनों युग्म
(D) कोई भी युग्म नहीं
सही उत्तर: (C)
व्याख्या:
युग्म 1 सही सुमेलित है: वर्ष 1902 में सतीश चंद्र मुखर्जी द्वारा 'डॉन सोसाइटी' (Dawn Society) की स्थापना की गई थी। स्वदेशी आंदोलन के दौरान इस सोसाइटी ने छात्रों में देशभक्ति की भावना जगाने और स्वदेशी शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।युग्म 2 सही सुमेलित है: आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय (P.C. Ray) ने स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 'बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल वर्क्स' (बंगाल केमिकल्स स्वदेशी स्टोर्स) की स्थापना की थी। यह आंदोलन के आर्थिक आत्मनिर्भरता के लक्ष्य का एक प्रमुख हिस्सा था।
युग्म 3 सही सुमेलित है: राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 15 अगस्त 1906 को 'नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन' (National Council of Education) का गठन किया गया था। इसके तहत स्थापित बंगाल नेशनल कॉलेज के प्रथम प्रधानाचार्य (Principal) अरबिंदो घोष बने थे।
MCQ 3
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (खोजकर्ता)
A. क्रिस्टोफर कोलंबस
B. जैक्स कार्टियर
C. सर फ्रांसिस ड्रेक
D. फर्डिनेंड मैगलन
सूची-II (जन्मस्थान)
1. पुर्तगाल
2. यूनाइटेड किंगडम
3. इटली
4. फ्रांस
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
ABCD
सूची-I (खोजकर्ता)
A. क्रिस्टोफर कोलंबस
B. जैक्स कार्टियर
C. सर फ्रांसिस ड्रेक
D. फर्डिनेंड मैगलन
सूची-II (जन्मस्थान)
1. पुर्तगाल
2. यूनाइटेड किंगडम
3. इटली
4. फ्रांस
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
ABCD
(a) 3 4 2 1
(b) 1 2 4 3
(c) 3 4 1 2
(d) 1 4 2 3
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
क्रिस्टोफर कोलंबस - इटली: क्रिस्टोफर कोलंबस का जन्म इटली के जेनोआ (Genoa) में हुआ था, हालांकि उन्होंने स्पेन के राजा-रानी के संरक्षण में अपनी समुद्री यात्राएं की थीं।जैक्स कार्टियर - फ्रांस: जैक्स कार्टियर (Jacques Cartier) एक प्रसिद्ध फ्रांसीसी खोजकर्ता थे, जिन्होंने कनाडा के सेंट लॉरेंस क्षेत्र की खोज की और उसे फ्रांस के नाम पर दावा किया।
सर फ्रांसिस ड्रेक - यूनाइटेड किंगडम: सर फ्रांसिस ड्रेक यूनाइटेड किंगडम (इंग्लैंड) के एक प्रसिद्ध नाविक और खोजकर्ता थे, जो एलिजाबेथ युग के दौरान दुनिया की परिक्रमा करने वाले पहले अंग्रेज बने थे।
फर्डिनेंड मैगलन - पुर्तगाल: फर्डिनेंड मैगलन (Ferdinand Magellan) का जन्म पुर्तगाल में हुआ था, हालांकि इन्होंने बाद में स्पेन के लिए काम किया और पृथ्वी की पहली सफल समुद्री परिक्रमा (Circumnavigation) के अभियान का नेतृत्व किया।
MCQ 4
बंगाल में यूरोपीय व्यापारिक बस्तियों के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. चटगांव — पुर्तगाली
2. चिनसुरा — डच
3. श्रीरामपुर — डेनिस
4. बांदेल चर्च — फ्रांसीसी
उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?
1. चटगांव — पुर्तगाली
2. चिनसुरा — डच
3. श्रीरामपुर — डेनिस
4. बांदेल चर्च — फ्रांसीसी
उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?
(A) केवल एक युग्म
(B) केवल दो युग्म
(C) केवल तीन युग्म
(D) सभी चारों युग्म
सही उत्तर: (C)
व्याख्या:
युग्म 1 सही सुमेलित है: पुर्तगाली चटगांव बंदरगाह को 'महान बंदरगाह' (Porto Grande) के रूप में अभिहित करते थे और बंगाल के शासक गियासुद्दीन महमूद शाह की अनुमति के बाद इसका मुख्य रूप से उपयोग करते रहे।युग्म 2 सही सुमेलित है: चिनसुरा में डचों (Dutch) ने अपनी व्यापारिक उपस्थिति को मजबूत करने के लिए गुस्तावुस किले का निर्माण कराया था।
युग्म 3 सही सुमेलित है: बंगाल का श्रीरामपुर (सेरामपोर) क्षेत्र मुख्य रूप से डेनिस व्यापारियों की वाणिज्यिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था।
युग्म 4 सही सुमेलित नहीं है: बांदेल चर्च (बासिलिका ऑफ होली रोजरी) की स्थापना 1599 ई. में पुर्तगालियों द्वारा की गई थी, न कि फ्रांसीसियों द्वारा, क्योंकि हुगली क्षेत्र में पुर्तगाली बसावट अधिक थी।
MCQ 5
भारतीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. डच लोगों ने पूर्वी तटीय क्षेत्रों में गजपति शासकों द्वारा प्रदान की गई जमीनों पर अपनी फैक्टरियां/गोदाम स्थापित किए।
2. अफोंसो डी अल्बुकर्क ने बीजापुर सल्तनत से गोवा को छीन लिया था।
3. अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने मद्रास में विजयनगर साम्राज्य के एक प्रतिनिधि से पट्टे पर ली गई जमीन के एक प्लॉट पर फैक्टरी स्थापित की थी।
उपर्युक्त कथनों में कौन-से सही हैं?
1. डच लोगों ने पूर्वी तटीय क्षेत्रों में गजपति शासकों द्वारा प्रदान की गई जमीनों पर अपनी फैक्टरियां/गोदाम स्थापित किए।
2. अफोंसो डी अल्बुकर्क ने बीजापुर सल्तनत से गोवा को छीन लिया था।
3. अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने मद्रास में विजयनगर साम्राज्य के एक प्रतिनिधि से पट्टे पर ली गई जमीन के एक प्लॉट पर फैक्टरी स्थापित की थी।
उपर्युक्त कथनों में कौन-से सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
कथन 1 गलत है: गजपति शासकों का शासन काल मुख्य रूप से 15वीं और 16वीं शताब्दी की शुरुआत (1434 से 1541 ईस्वी) तक था। भारत के पूर्वी तट पर डचों ने अपनी पहली फैक्टरी मूसलीपट्टनम में 1605 ईस्वी में स्थापित की थी। अतः डचों के आगमन के समय वहाँ गजपति शासकों का शासन नहीं था, बल्कि उनके पतन के बहुत बाद डच भारत आए थे।कथन 2 सही है: पुर्तगाली गवर्नर अफ़ोंसो डी अल्बुकर्क ने 1510 ईस्वी में बीजापुर सल्तनत के सुल्तान युसूफ आदिल शाह से गोवा को जीत लिया था। यह भारत में क्षेत्रीय पुर्तगाली संप्रभुता की एक ऐतिहासिक शुरुआत थी।
कथन 3 सही है: अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी के फ्रांसिस डे ने 1639 ईस्वी में विजयनगर साम्राज्य के प्रतिनिधि (चंद्रगिरि के राजा के अधीन स्थानीय नायक दामेर्ला वेंकटप्पा) से मद्रास (चेन्नई) में पट्टे पर जमीन ली थी। इसी प्लॉट पर अंग्रेजों ने अपनी फैक्टरी स्थापित की और 'फोर्ट सेंट जॉर्ज' का निर्माण कराया था।
MCQ 6
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लीवेंट कंपनी (Levant Company) को 1592 ई. में समुद्री मार्ग से भारत में व्यापार करने का पहला अधिकार-पत्र प्राप्त हुआ था।
2. महारानी एलिजाबेथ प्रथम ने 31 दिसंबर, 1600 को 'दि गवर्नर एंड कंपनी ऑफ मर्चेंट्स ऑफ लंदन ट्रेडिंग इन टू द ईस्ट इंडीज' को अधिकार-पत्र प्रदान किया था।
3. वर्ष 1708 ई. में 'न्यू कंपनी' और पुरानी कंपनी का पूर्ण विलय कर इसका नाम 'यूनाइटेड कंपनी ऑफ मर्चेंट्स ऑफ इंग्लैंड ट्रेडिंग टू द ईस्ट इंडीज' कर दिया गया, जो सामान्यतः ईस्ट इंडिया कंपनी के नाम से प्रसिद्ध हुई।
उपर्युक्त कथनों में कौन-से सही हैं?
1. लीवेंट कंपनी (Levant Company) को 1592 ई. में समुद्री मार्ग से भारत में व्यापार करने का पहला अधिकार-पत्र प्राप्त हुआ था।
2. महारानी एलिजाबेथ प्रथम ने 31 दिसंबर, 1600 को 'दि गवर्नर एंड कंपनी ऑफ मर्चेंट्स ऑफ लंदन ट्रेडिंग इन टू द ईस्ट इंडीज' को अधिकार-पत्र प्रदान किया था।
3. वर्ष 1708 ई. में 'न्यू कंपनी' और पुरानी कंपनी का पूर्ण विलय कर इसका नाम 'यूनाइटेड कंपनी ऑफ मर्चेंट्स ऑफ इंग्लैंड ट्रेडिंग टू द ईस्ट इंडीज' कर दिया गया, जो सामान्यतः ईस्ट इंडिया कंपनी के नाम से प्रसिद्ध हुई।
उपर्युक्त कथनों में कौन-से सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
कथन 1 गलत है: लीवेंट कंपनी को 1592 ई. में भारत में व्यापार करने का अधिकार-पत्र अवश्य प्राप्त हुआ था, लेकिन यह व्यापार स्थल मार्ग से करने के लिए था, न कि समुद्री मार्ग से।कथन 2 सही है: 31 दिसंबर, 1600 को ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ प्रथम ने 'दि गवर्नर एंड कंपनी ऑफ मर्चेंट्स ऑफ लंदन ट्रेडिंग इन टू द ईस्ट इंडीज' को समुद्री मार्ग से ईस्ट इंडीज के साथ व्यापार करने का पहला चार्टर (अधिकार-पत्र) दिया था।
कथन 3 सही है: 1698 ई. में बनी 'न्यू कंपनी' और पुरानी कंपनी के विलय की प्रक्रिया 1702 ई. में शुरू हुई और अंततः 1708 ई. में दोनों का पूरी तरह विलय करके नया नाम 'यूनाइटेड कंपनी ऑफ मर्चेंट्स ऑफ इंग्लैंड ट्रेडिंग टू द ईस्ट इंडीज' रखा गया, जिसे आम बोलचाल में 'ईस्ट इंडिया कंपनी' कहा गया।
MCQ 7
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के भारत में आरंभिक चरण और व्यापारिक विस्तार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कैप्टन विलियम हॉकिंस 1608 ई. में सूरत बंदरगाह पर पहुँचा और पुर्तगाली नौसैनिक प्रतिरोध पर विजय प्राप्त कर उसी वर्ष जहाँगीर के मुगल दरबार में सूरत में पहली स्थायी फैक्टरी स्थापित करने की अनुमति प्राप्त करने में सफल रहा।
2. कैप्टन मिडल्टन ने 1611 ई. में पुर्तगाली विरोध के बावजूद सूरत के समीप स्वाल्ली (Swally) पहुँचकर स्थानीय मुगल गवर्नर से व्यापारिक रियायतें प्राप्त कीं।
3. कैप्टन थॉमस बेस्ट द्वारा 1612 ई. में स्वाल्ली के युद्ध में पुर्तगालियों को पराजित करने के परिणामस्वरूप मुगलों ने अंग्रेजों को 1613 ई. में सूरत में अपनी पहली स्थायी फैक्टरी स्थापित करने की अनुमति दी।
4. सूरत में पैर जमाने के बाद, ईस्ट इंडिया कंपनी ने पश्चिमी और उत्तरी भारत के आंतरिक भागों में विस्तार करते हुए अहमदाबाद, बुरहानपुर, अजमेर तथा आगरा में अपनी सहयोगी फैक्टरियाँ स्थापित कीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
1. कैप्टन विलियम हॉकिंस 1608 ई. में सूरत बंदरगाह पर पहुँचा और पुर्तगाली नौसैनिक प्रतिरोध पर विजय प्राप्त कर उसी वर्ष जहाँगीर के मुगल दरबार में सूरत में पहली स्थायी फैक्टरी स्थापित करने की अनुमति प्राप्त करने में सफल रहा।
2. कैप्टन मिडल्टन ने 1611 ई. में पुर्तगाली विरोध के बावजूद सूरत के समीप स्वाल्ली (Swally) पहुँचकर स्थानीय मुगल गवर्नर से व्यापारिक रियायतें प्राप्त कीं।
3. कैप्टन थॉमस बेस्ट द्वारा 1612 ई. में स्वाल्ली के युद्ध में पुर्तगालियों को पराजित करने के परिणामस्वरूप मुगलों ने अंग्रेजों को 1613 ई. में सूरत में अपनी पहली स्थायी फैक्टरी स्थापित करने की अनुमति दी।
4. सूरत में पैर जमाने के बाद, ईस्ट इंडिया कंपनी ने पश्चिमी और उत्तरी भारत के आंतरिक भागों में विस्तार करते हुए अहमदाबाद, बुरहानपुर, अजमेर तथा आगरा में अपनी सहयोगी फैक्टरियाँ स्थापित कीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
(a) केवल 1, 2 और 3
(b) केवल 2, 3 और 4
(c) केवल 1, 3 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
कथन 1 गलत है: कैप्टन विलियम हॉकिंस 1608 ई. में भारत अवश्य आया था और अप्रैल 1609 ई. में जहाँगीर के मुगल दरबार में भी पहुँचा था। लेकिन, पुर्तगालियों के कड़े विरोध और प्रभाव के कारण वह उस समय सूरत में फैक्टरी स्थापित करने की अनुमति पाने में असफल रहा था।कथन 2 सही है: वर्ष 1611 ई. में पुर्तगालियों के तीव्र विरोध के बावजूद कैप्टन मिडल्टन सूरत के पास स्वाल्ली पहुँचने में सफल रहा और वहाँ के स्थानीय मुगल गवर्नर से व्यापार करने की अनुमति प्राप्त कर ली, यद्यपि उसे पुर्तगाली नौसेना के कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा था।
कथन 3 सही है: पुर्तगालियों के नौसैनिक एकाधिकार को वास्तविक झटका तब लगा जब कैप्टन थॉमस बेस्ट ने 1612 ई. में स्वाल्ली (स्वाली) नामक स्थान पर पुर्तगाली बेड़े को पराजित किया। इस सैन्य कुशलता से प्रभावित होकर मुगलों ने अंग्रेजों को 1613 ई. में सूरत में स्थायी रूप से फैक्टरी स्थापित करने का शाही फरमान जारी किया।
कथन 4 सही है: सूरत में स्थायी केंद्र स्थापित होने के बाद अंग्रेजों ने भारत के अन्य हिस्सों में अपनी वाणिज्यिक गतिविधियाँ फैलाईं। इसी क्रम में उन्होंने अहमदाबाद, बुरहानपुर, अजमेर और आगरा जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में अपनी सहायक या सहयोगी फैक्टरियाँ स्थापित की थीं।
MCQ 8
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विलियम हॉकिंस अगस्त, 1608 में 'हेक्टर' नामक जहाज से सूरत पहुँचा और अप्रैल, 1609 में आगरा स्थित जहाँगीर के मुगल दरबार में उपस्थित हुआ।
2. हॉकिंस मुगल दरबार में इंग्लैंड के राजा चार्ल्स प्रथम का हस्ताक्षरित पत्र लेकर आया था, जिससे वह मुगल सम्राट की दृष्टि में राजा और कंपनी दोनों का प्रतिनिधि था।
3. जहाँगीर ने हॉकिंस के तुर्की भाषा के ज्ञान से प्रभावित होकर उसे 'इंग्लिश खान' की उपाधि दी तथा 400 का मनसब भी प्रदान किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
1. विलियम हॉकिंस अगस्त, 1608 में 'हेक्टर' नामक जहाज से सूरत पहुँचा और अप्रैल, 1609 में आगरा स्थित जहाँगीर के मुगल दरबार में उपस्थित हुआ।
2. हॉकिंस मुगल दरबार में इंग्लैंड के राजा चार्ल्स प्रथम का हस्ताक्षरित पत्र लेकर आया था, जिससे वह मुगल सम्राट की दृष्टि में राजा और कंपनी दोनों का प्रतिनिधि था।
3. जहाँगीर ने हॉकिंस के तुर्की भाषा के ज्ञान से प्रभावित होकर उसे 'इंग्लिश खान' की उपाधि दी तथा 400 का मनसब भी प्रदान किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
कथन 1 सही है: विलियम हॉकिंस ईस्ट इंडिया कंपनी के जहाज हेक्टर से अगस्त, 1608 को सूरत पहुँचा था। प्रारंभिक बाधाओं और पुर्तगालियों के कड़े विरोध का सामना करने के बाद वह अप्रैल, 1609 में आगरा स्थित जहाँगीर के मुगल दरबार में पहुँचने में सफल रहा।कथन 2 गलत है: हॉकिंस इंग्लैंड के राजा चार्ल्स प्रथम का नहीं, बल्कि राजा जेम्स प्रथम (King James I) का हस्ताक्षरित पत्र लेकर आया था। इस पत्र में हॉकिंस का परिचय था और अंग्रेज व्यापारियों के लिए अनुकूल व्यवहार का अनुरोध किया गया था।
कथन 3 सही है: हॉकिंस तुर्की भाषा का अच्छा ज्ञाता था। जहाँगीर उससे बिना किसी दुभाषिए के तुर्की में बात करके अत्यधिक प्रभावित हुआ और उसने हॉकिंस को 'इंग्लिश खान' की उपाधि दी तथा साथ ही उसे 400 का मनसब भी प्रदान किया था।
MCQ 9
सत्रहवीं शताब्दी के पहले चतुर्थांश में, निम्नलिखित में से कहाँ इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी के कारखाने स्थित थे?
1. भरूच
2. चिकाकोल
3. त्रिचिनोपोली
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
1. भरूच
2. चिकाकोल
3. त्रिचिनोपोली
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
(a) केवल 1
(b) 1 और 2
(c) केवल 3
(d) 2 और 3
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
कथन 1 सही है: सत्रहवीं शताब्दी के पहले चतुर्थांश (First Quarter of the 17th Century अर्थात् 1601 से 1625 ई. के बीच) में इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपने पैर जमाने शुरू किए थे। 1613 ई. में सूरत में स्थायी फैक्टरी खोलने के बाद, अंग्रेजों ने शीघ्र ही गुजरात के भरूच (Broach) और अहमदाबाद, तथा उत्तर भारत के आगरा और अजमेर में अपने कारखाने/सहयोगी फैक्टरियाँ स्थापित कर ली थीं।कथन 2 गलत है: चिकाकोल (Chicacole - वर्तमान श्रीकाकुलम, आंध्र प्रदेश) में 17वीं शताब्दी के प्रथम चतुर्थांश (1625 ई. तक) में अंग्रेजों का कोई कारखाना स्थापित नहीं हुआ था। यहाँ बाद में अन्य यूरोपीय शक्तियों का प्रभाव रहा।
कथन 3 गलत है: त्रिचिनोपोली (Trichinopoly - वर्तमान तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु) दक्षिण भारत में स्थित है और यहाँ भी 1625 ई. तक ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपना कोई कारखाना या व्यापारिक केंद्र स्थापित नहीं किया था।
MCQ 10
नीचे दिए गए प्रश्न में एक अभिकथन (Assertion - A) और दूसरा कारण (Reason - R) दिया गया है। इन कथनों का ध्यानपूर्वक परीक्षण कीजिए:
अभिकथन (A): अन्य यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों की तुलना में फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी का वित्तीय नियंत्रण और सांगठनिक ढांचा पूरी तरह से फ्रांसीसी क्राउन (राज्य) पर निर्भर था।
कारण (R): इस कंपनी की स्थापना 1664 ई. में लुई चौदहवें के मंत्री कॉल्बर्ट द्वारा की गई थी, जिसमें फ्रांसीसी सरकार ही सबसे बड़ी शेयर धारक थी और खर्च का एक बड़ा हिस्सा राज्य द्वारा वहन किया जाता था।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
अभिकथन (A): अन्य यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों की तुलना में फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी का वित्तीय नियंत्रण और सांगठनिक ढांचा पूरी तरह से फ्रांसीसी क्राउन (राज्य) पर निर्भर था।
कारण (R): इस कंपनी की स्थापना 1664 ई. में लुई चौदहवें के मंत्री कॉल्बर्ट द्वारा की गई थी, जिसमें फ्रांसीसी सरकार ही सबसे बड़ी शेयर धारक थी और खर्च का एक बड़ा हिस्सा राज्य द्वारा वहन किया जाता था।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(e) (A) सही है किन्तु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है किन्तु (R) सही है।
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, अभिकथन की बिल्कुल सही व्याख्या करता है: ब्रिटिश या डच ईस्ट इंडिया कंपनियों के विपरीत (जो निजी व्यापारियों की शेयरधारक कंपनियाँ थीं), फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी (कंपेजिन फ्रैंकाइज पोर ले कॉमर्स देस इंदेस ओरिएंटलेस) एक पूर्णतः सरकारी नियंत्रित उपक्रम थी। इसकी स्थापना 1664 ई. में लुई चौदहवें के मंत्री कॉल्बर्ट के प्रयासों से हुई थी। चूंकि फ्रांसीसी सरकार ही इसकी सबसे बड़ी शेयर धारक (निदेशक) थी और इसके खर्च का बड़ा हिस्सा राज्य वहन करता था, इसलिए यह अपनी वित्तीय और रणनीतिक निर्णयों के लिए पूरी तरह से फ्रांसीसी राजतंत्र पर ही निर्भर थी। यही अत्यधिक सरकारी नियंत्रण आगे चलकर भारत में इसके पतन का एक मुख्य कारण भी बना।
