UPSC Geography PYQ 2025 | Result Mitra
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UPSC Geography PYQ 2025
भूगोल · Previous Year Questions · उत्तर एवं व्याख्या
UPSC / PCS Exam Practiceनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
कथन I: जनवरी में, उत्तरी गोलार्ध में, समतापी रेखाएँ भूभागों को पार करते समय भूमध्य रेखा की ओर तथा महासागरों को पार करते समय ध्रुवों की ओर मुड़ जाती हैं।
कथन II: जनवरी में, उत्तरी गोलार्ध में महासागरों के ऊपर की हवा, भूभागों के ऊपर की हवा की तुलना में अधिक गर्म होती है।
उपरोक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) कथन I और कथन II दोनों सही हैं तथा कथन II, कथन I की व्याख्या करता है।
व्याख्या
कथन I सही है। समतापी रेखाएँ (Isotherms) मानचित्र पर समान तापमान वाले स्थानों को जोड़ने वाली काल्पनिक रेखाएँ हैं। जनवरी में उत्तरी गोलार्ध में सूर्य की सीधी किरणें दक्षिणी गोलार्ध के अधिक निकट पड़ती हैं। इसलिए उत्तरी गोलार्ध में शीत ऋतु होती है और भूभाग महासागरों की तुलना में अधिक तेजी से ठंडे होते हैं।
कथन II सही है। जल की विशिष्ट ऊष्मा भूमि की तुलना में अधिक होती है। इसका अर्थ है कि जल को गर्म होने और ठंडा होने में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है। सर्दियों में महासागर अपनी संचित ऊष्मा धीरे-धीरे मुक्त करते हैं, इसलिए उनके ऊपर की हवा आसपास के ठंडे भूभागों की हवा की तुलना में अपेक्षाकृत गर्म रहती है।
इसी कारण जनवरी में उत्तरी गोलार्ध की समतापी रेखाएँ:
• भूभागों पर: भूमध्य रेखा की ओर मुड़ती हैं, क्योंकि समान तापमान प्राप्त करने के लिए अपेक्षाकृत दक्षिण की ओर जाना पड़ता है।
• महासागरों पर: ध्रुवों की ओर मुड़ती हैं, क्योंकि समान तापमान प्राप्त करने के लिए अपेक्षाकृत उत्तर की ओर जाना पड़ता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
कथन I: चट्टानों पर पानी के प्रभाव के संदर्भ में, चाक को एक अत्यधिक पारगम्य चट्टान माना जाता है, जबकि चिकनी मिट्टी को काफी हद तक अपारगम्य या कम पारगम्य पदार्थ माना जाता है।
कथन II: चाक छिद्रयुक्त होता है और इसलिए पानी को अवशोषित कर सकता है।
कथन III: मिट्टी बिल्कुल भी छिद्रयुक्त नहीं होती है।
उपरोक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) कथन II और III में से केवल एक ही सही है और वह कथन I की व्याख्या करता है।
व्याख्या
कथन I सही है। चाक (Chalk) एक अपेक्षाकृत नरम, छिद्रयुक्त अवसादी चट्टान है। इसमें पानी के संग्रहण के लिए अनेक सूक्ष्म छिद्र होते हैं। दूसरी ओर, चिकनी मिट्टी (Clay) में बहुत छोटे छिद्र होते हैं, जिनसे पानी का प्रवाह सामान्यतः धीमा होता है।
कथन II सही है। चाक में उपस्थित छिद्र पानी को अवशोषित करने और संग्रहित करने में सहायता करते हैं। हालाँकि, छिद्रयुक्त होना और पारगम्य होना अलग-अलग गुण हैं। किसी पदार्थ में पानी का संग्रहण अधिक हो सकता है, लेकिन यदि उसके छिद्र आपस में अच्छी तरह जुड़े नहीं हैं, तो पानी का प्रवाह सीमित रह सकता है।
कथन III गलत है। चिकनी मिट्टी में भी छिद्र होते हैं। वास्तव में, मिट्टी में कुल छिद्रता काफी अधिक हो सकती है, लेकिन उसके सूक्ष्म छिद्रों और पानी के प्रति आकर्षण के कारण जल का प्रवाह धीमा होता है।
छिद्रता और पारगम्यता में अंतर
| आधार | छिद्रता (Porosity) | पारगम्यता (Permeability) |
|---|---|---|
| अर्थ | पदार्थ में रिक्त स्थानों की मात्रा | पदार्थ से होकर पानी के प्रवाह की क्षमता |
| निर्भरता | छिद्रों की कुल मात्रा | छिद्रों का आकार, जुड़ाव और निरंतरता |
| उदाहरण | चिकनी मिट्टी में छिद्रता अधिक हो सकती है | चिकनी मिट्टी की पारगम्यता सामान्यतः कम होती है |
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
I. वायुमंडल के बिना, पृथ्वी की सतह पर हर जगह तापमान हिमांक बिंदु से काफी नीचे होगा।
II. वायुमंडल द्वारा अवशोषित और रोकी गई ऊष्मा हमारे ग्रह के औसत तापमान को बनाए रखती है।
III. कार्बन डाइऑक्साइड जैसी वायुमंडलीय गैसें विकिरण को अवशोषित करने और रोकने में विशेष रूप से सक्षम होती हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) प्रथम, द्वितीय और तृतीय।
व्याख्या
कथन I सही है, वायुमंडल पृथ्वी की सतह पर तापमान को नियंत्रित करता है और दिन-रात के तापमान में होने वाले अत्यधिक अंतर को कम करता है। वायुमंडल के बिना पृथ्वी का औसत तापमान कम होता, लेकिन यह कहना सही नहीं है कि हर स्थान पर तापमान हिमांक से नीचे ही रहता। सूर्य के सीधे संपर्क में आने वाली सतह दिन में बहुत गर्म भी हो सकती है।
कथन II सही है। पृथ्वी सूर्य से मुख्यतः लघुतरंग सौर विकिरण प्राप्त करती है। पृथ्वी की सतह इस ऊर्जा के एक भाग को अवशोषित करती है और बाद में दीर्घतरंग अवरक्त विकिरण के रूप में ऊर्जा उत्सर्जित करती है। वायुमंडल की ग्रीनहाउस गैसें इस विकिरण के कुछ भाग को अवशोषित करके सभी दिशाओं में पुनः उत्सर्जित करती हैं। इससे पृथ्वी की सतह और निचला वायुमंडल अपेक्षाकृत गर्म रहते हैं।
कथन III सही है। कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, जलवाष्प और नाइट्रस ऑक्साइड जैसी ग्रीनहाउस गैसें अवरक्त विकिरण की विशिष्ट तरंगदैर्घ्यों को अवशोषित करती हैं। इसके विपरीत, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन जैसी प्रमुख वायुमंडलीय गैसें पृथ्वी के तापीय अवरक्त विकिरण को बहुत कम प्रत्यक्ष रूप से अवशोषित करती हैं।
विश्व बैंक ने चेतावनी दी है कि भारत उन पहले स्थानों में से एक बन सकता है जहाँ आर्द्र बल्ब तापमान नियमित रूप से 35°C से अधिक हो जाता है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस रिपोर्ट के निहितार्थ को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?
I. प्रायद्वीपीय भारत में बाढ़, उष्णकटिबंधीय चक्रवात और सूखे की आशंका सबसे अधिक रहेगी।
II. मनुष्यों सहित जानवरों के अस्तित्व पर असर पड़ेगा, क्योंकि पसीने के माध्यम से उनके शरीर की गर्मी को बाहर निकालना मुश्किल हो जाएगा।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए।
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c)
व्याख्या
कथन I सही है: लेकिन इसमें महत्त्वपूर्ण वैज्ञानिक सीमा है। जलवायु परिवर्तन के कारण भारत के विभिन्न भागों में अत्यधिक गर्मी, अनियमित वर्षा, बाढ़, सूखा और चक्रवातों से जुड़े जोखिम बढ़ सकते हैं। हालाँकि, आर्द्र बल्ब तापमान में वृद्धि अपने आप यह सिद्ध नहीं करती कि प्रायद्वीपीय भारत में इन सभी आपदाओं की आशंका सबसे अधिक होगी। अलग-अलग आपदाओं का भौगोलिक वितरण अलग होता है।
कथन II सही है: और यह आर्द्र बल्ब तापमान का सबसे महत्त्वपूर्ण निहितार्थ है। मानव शरीर पसीने के वाष्पीकरण के माध्यम से अपनी अतिरिक्त गर्मी बाहर निकालता है। जब हवा में आर्द्रता बहुत अधिक होती है, तब पसीने का वाष्पीकरण धीमा हो जाता है। परिणामस्वरूप शरीर का तापमान बढ़ सकता है और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।
आर्द्र बल्ब तापमान क्या है?
आर्द्र बल्ब तापमान वह तापमान है जो गीले कपड़े से ढके तापमापी को वाष्पीकरण द्वारा ठंडा करने पर प्राप्त होता है। यह वायु के तापमान के साथ उसकी आर्द्रता को भी ध्यान में रखता है।
आर्द्र बल्ब तापमान को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक
वायु का तापमान
तापमान बढ़ने पर शरीर को बाहर की ओर गर्मी निकालने में अधिक कठिनाई हो सकती है।
वायु की आर्द्रता
आर्द्रता अधिक होने पर पसीने का वाष्पीकरण कम होता है और शरीर की शीतलन क्षमता घटती है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
अत्यधिक आर्द्र बल्ब तापमान में शरीर का तापमान नियंत्रित रखना कठिन हो सकता है, जिससे अंगों को नुकसान और मृत्यु का खतरा बढ़ता है।
निम्नलिखित देशों पर विचार कीजिए।
I. यूनाइटेड किंगडम
II. डेनमार्क
III. न्यूजीलैंड
IV. ऑस्ट्रेलिया
V. ब्राजील
ऊपर दिए गए देशों में से कितने देशों में चार से अधिक समय क्षेत्र हैं?
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (b) केवल चार।
व्याख्या
समय क्षेत्र पृथ्वी के उन क्षेत्रों को दर्शाते हैं जहाँ एक मानक समय अपनाया जाता है। पृथ्वी के घूर्णन के कारण अलग-अलग देश और क्षेत्र अलग-अलग समय का उपयोग करते हैं। किसी देश में समय क्षेत्रों की संख्या निर्धारित करते समय यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि केवल मुख्य भूभाग को गिना जा रहा है या विदेशी क्षेत्रों और दूरस्थ द्वीपों को भी शामिल किया जा रहा है।
| देश | समय क्षेत्रों से संबंधित महत्त्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| यूनाइटेड किंगडम | मुख्य भूभाग में एक समय क्षेत्र है। ब्रिटिश विदेशी क्षेत्रों को शामिल करने पर अनेक समय क्षेत्र आते हैं। |
| डेनमार्क | मुख्य भूभाग में एक समय क्षेत्र है। ग्रीनलैंड और फरो द्वीपों की समय व्यवस्था अलग है। |
| न्यूजीलैंड | मुख्य भूभाग में एक समय क्षेत्र है। कुछ बाहरी द्वीपों में अलग समय क्षेत्र लागू होते हैं। |
| ऑस्ट्रेलिया | मुख्य भूभाग में कई समय क्षेत्र हैं; इसके कुछ बाहरी क्षेत्रों की समय व्यवस्था भी अलग है। |
| ब्राजील | ब्राजील में चार समय क्षेत्र हैं। |
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