Source: The Hindu
संदर्भ(Context)
नई दिल्ली के भारत मंडपम मेंआयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्णखनिजों के ‘शस्त्रीकरण’ (weaponisation) के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, महामारियों और जलवायुआपदाओं के खिलाफ लचीलापन बढ़ानेतथा ब्रिक्स देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देनेपर जोर दिया।
Q. “प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्णखनिजों के शस्त्रीकरण सेक्या तात्पर्यहै? इसके बहुआयामी प्रभावों का विश्लेषण करतेहुए इससेनिपटनेहेतुनवीन पहलों और समाधानों की चर्चाकीजिए।”
उत्तर प्रारूप (Answer Format)
प्रस्तावना (Introduction): प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्णखनिजों के शस्त्रीकरण की परिभाषा और समकालीन भू-राजनीतिक संदर्भ।
मुख्य भाग (Body):
o शस्त्रीकरण का अर्थऔर उदाहरण: बिंदुवार विवरण और विशिष्ट उदाहरणों के साथ।
o इसके बहुआयामी प्रभाव: आर्थिक, भू-राजनीतिक, सामाजिक और पर्यावरणीय आयामों पर विश्लेषण।
o समाधान और नवीन पहलें: वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर किए जा रहेठोस उपाय (जैसे ब्रिक्स की पहलें)।
निष्कर्ष(Conclusion): समावेशी तकनीकी संप्रभुता और बहुपक्षीय सहयोग के माध्यम सेइस चुनौती से निपटनेका मार्ग।
उत्तर (Answer)
प्रस्तावना
समकालीन भू-राजनीति में’प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्णखनिजों के शस्त्रीकरण’ से तात्पर्य उस प्रवृत्ति सेहै जहाँभू-आर्थिक और रणनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए तकनीक, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिजों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्सको नियंत्रण या प्रतिबंध के हथियार के रूप में उपयोग किया जाता है।
प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों का शस्त्रीकरण:
o आपूर्ति श्रृंखला नियंत्रण: जब कोई देश वैश्विक बाजार मेंकिसी महत्वपूर्णखनिज या तकनीक पर अपनी एकाधिकारवादी स्थिति का उपयोग कूटनीतिक दबाव बनाने के लिए करता है। उदाहरण के लिए, चीन द्वारा लिथियम, कोबाल्ट और गैलियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध या कोटा लगाना।
o तकनीकी प्रतिबंध और प्रतिबंधात्मक नीतियां (Tech Sanctions): सेमीकंडक्टर निर्माण उपकरणों या उन्नत माइक्रोचिप्स के निर्यात को नियंत्रित कर विकासशील देशों या प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रों की तकनीकी प्रगति को रोकना।
o डेटा और डिजिटल प्लेटफॉर्म्सका शस्त्रीकरण: संचार नेटवर्क, सोशल मीडिया एल्गोरिदम या वित्तीय संदेश प्रणालियों को भू-राजनीतिक दंड देने के साधन के रूप में उपयोग करना।
इसके बहुआयामी प्रभाव:
o आर्थिक एवं तकनीकी आयाम: इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं चरमरा जाती हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन में भारी बाधा आती है। विकासशील देशों को महंगेदामों पर कच्चेमाल और तकनीक खरीदनेके लिए मजबूर होना पड़ता है।
o भू-राजनीतिक एवं सामरिक आयाम: देशों के बीच अविश्वास की खाई गहरी होती है, जिससे’शीत युद्ध’ जैसा माहौल बनता हैऔर राष्ट्रों की संप्रभुता खतरे में पड़ जाती है।
o सामाजिक एवं मानवीय आयाम: महामारियों और जलवायु आपदाओं के समय यदि स्वास्थ्य तकनीक या आपदा प्रबंधन प्रणालियों को रोका जाए, तो आम जनता का जीवन संकट में पड़ जाता है।
o पर्यावरणीय आयाम: महत्वपूर्ण खनिजों की कमी या उनके एकाधिकार के कारण देशों को मजबूरन पर्यावरण के अनुकूल नीतियों से समझौता करना पड़ता है, जिससे जलवायुलक्ष्य प्रभावित होते हैं।
समाधान एवं नवीन पहलें:
o विविधीकरण और आ पूर्ति श्रृंखला का लचीलापन: ‘ब्रिक्स लॉजिस्टिक्स सप्लाई चैन को ऑपरेशन फ्रेमवर्क’ जैसे बहुपक्षीय तंत्रों के माध्यम से वैकल्पिक और सुरक्षित आपूर्ति मार्ग विकसित करना।
o नवाचार और वित्तपोषण: ‘ब्रिक्स स् टार्टअप इनोवेशन फंड’ के माध्यम सेसदस्य देशों में स्वदेशी तकनीकी नवाचारों और स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान करना।
o डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) और कृषि सहयोग: ‘ब्रिक्स डिजिटल एग्रीकल्चर नेटवर्क’ और ‘डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (स्मार्ट ग्रिड और एनर्जी स्टोरेज के लिए) जैसी पहलों के जरिए तकनीक का लोकतंत्रीकरण करना।
o प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियाँ: महामारियों और जलवायु आपदाओं से निपटने के लिए ‘Early Warning System’ की स्थापना करना।
निष्कर्ष:
*प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्णखनिजों का शस्त्रीकरण वैश्विक शांति और सतत विकास के लिए एक गंभीर खत रा है। इससेनिपटनेके लिए केवल विचारों तक सीमित न रहकर ‘ब्रिक्स’ जैसी पहलों के माध्यम से ठोस परिणामों (concrete results) और स मावेशी तकनीकी नीतियों को अपनाना होगा, ताकि ग्लोबल साउथ के हितों की रक्षा की जा सके।
यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. ‘प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्णखनिजों के शस्त्रीकरण’ के संदर्भमेंनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका अर्थभू-राजनीतिक लाभ प्राप्त करनेके लिए तकनीक, सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्णखनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रतिबंध के हथियार के रूप मेंउपयोग करना है।
2. ब्रिक्स फ्रेमवर्क के तहत आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन और डिजिटल कृषि को बढ़ावा देनेके लिए नई पह लों की रूपरेखा तैयार की गई है।
उपर्युक्त कथनों मेंसेकौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1, न ही 2
उत्तर: (c) 1 और 2 दोनो
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