तेलंगाना स्थित श्री उज्जयिनी महाकाली देवस्थानम।

टॉपिक :– प्री जीएस पेपर 1 और मैंस पेपर 1 ( कला और संस्कृति )

चर्चा में क्यों :– पीएम नरेंद्र मोदी ने  हैदराबाद के श्री उज्जयिनी महाकाली मंदिर में पूजा- अर्चना की. 

मंदिर से सम्बन्धित तथ्य :–

यह मंदिर 191 साल पुराना है

अवस्थित :– मंदिर तेलंगाना के सिकंदराबाद इलाके में स्थित ।

मंदिर में  विशेष रूप से आषाढ़ जथारा के दौरान लाखों भक्त प्रार्थना करते हैं.

यह मंदिर बोनालु त्योहार के लिए भी  लोकप्रिय है. 

इस मंदिर के इतिहास के बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं.

मंदिर  निर्माण की कहानी :– 

वर्ष  1813 में  शहर में हैजा फैल गया ।जिस कारण  हजारों लोगों की मौत हुई.इस आपदा के  समय एक सैन्य बटालियन के कुछ सिपाही  सिकंदराबाद से उज्जैन ( मध्य प्रदेश  ) में तबादले के बाद आ गया. इनमे एक  डोली ढोने वाले सुरीति अप्पैया अपने सहयोगियों के साथ उज्जैन में महाकाल  देवस्थानम दर्शन करने गए और लोगों के ठीक होने की  प्रार्थना की ।उन्होंने वचन दिया कि   अगर लोगों को महामारी से बचाया लिया  गया, तो वह वापस जा कर   देवी की एक मूर्ति स्थापित करेंगे.उज्जैन से लौटते के बाद  अप्पैया और उनके साथियों  ने  जुलाई 1814 में सिकंदराबाद में एक मूर्ति को  स्थापित किया .

यह मूर्ति लकड़ी से बनी थी।कुछ समय पश्चात  गर्भगृह के निर्माण के दौरान एक पत्थर की मूर्ति मिली 

इस मूर्ति को माणिक्यलम्मा नाम के जाना जाता है

इस मूर्ति को भी  श्री महाकाली अम्मावरु के साथ  स्थापित किया. 

1964 में देवी महाकाली की यह नई प्राप्त मूर्ति स्थापित की गई। 

देवस्थानम का विकास श्री सुरीति अप्पैया ने कुछ लोगों की मदद से किया. 

उज्जयिनी महाकाली मंदिर का महत्व:– 

यह मंदिर  मनोकामना पूरी करने के लिए जाना जाता है.  

मंदिर में देवी पद्मासन मुद्रा में विराजमान हैं

किनके हाथ में तलवार, डमरू और भाला है

देवी की मुख्य  प्रतिमा के बगल में माणिक्यलादेवी की मूर्ति भी विराजमान है. 

श्री उज्जयिनी महाकाली मंदिर को  उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर बनाया गया था. 

काली मां की मूर्ति क्रोध और शक्ति से भरी हुई हैं. 

देवी काली सिंह पर सवार है और उनके दस हाथों में अलग-अलग अस्त्र शस्त्र मौजूद हैं.

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