ग्रामीण रोजगार: चुनौतियां और नई राह (@VB-G RAM G) Rural Employment: Challenges and New Paths (@vB-G RAM G)

Source:- The Hindu

हालिया समाचार रिपोर्टों के अनुसार, सरकार की नई ग्रामीण रोजगार योजना, ‘विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ [VB-G RAM G] ने संचालन के दूसरे महीने में मामूली सुधार दर्ज किया है, हालांकि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGS) की तुलना में अगस्त में रोजगार उपलब्धता में 9% की गिरावट आई है। कृषि गतिविधियों में विराम और प्रशासनिक बदलावों के कारण संचयी व्यक्तिगत दिनों में 32% की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

उत्तर प्रारूप

परिचय (Introduction): नई ग्रामीण रोजगार योजना के स्वरूप और एमजीएनआरईजीएस से इसके रूपांतरण का परिचय दें।

मुख्य भाग (Body):

  • अर्थ (What is it?): योजना की मूल परिभाषा और उद्देश्यों के पाँच मुख्य बिंदु।
  • महत्व (Significance): कृषि कैलेंडर के साथ संरेखण, लचीलापन और प्रशासनिक दक्षता के पाँच प्रमुख लाभ।
  • सीमाएं (Limitations): रोजगार सृजन में गिरावट, ई-केवाईसी और तकनीकी अड़चनों से जुड़ी पाँच प्रमुख बाधाएं।
  • आगे की राह (Way Forward): ग्रामीण आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पाँच सुधारात्मक उपाय।

निष्कर्ष (Conclusion): ग्रामीण अर्थव्यवस्था के संतुलित विकास पर समग्र टिप्पणी।

ग्रामीण भारत में संधारणीय आजीविका और मजदूरी रोजगार की सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ [VB-G RAM G] योजना ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक नया प्रशासनिक और ढांचागत बदलाव प्रस्तुत करती है।

अर्थ (What is it?)

  • यह एक आधुनिक ग्रामीण रोजगार पहल है जो पारंपरिक रोजगार गारंटी ढांचे को उन्नत करने के लिए अभिकल्पित की गई है।
  • इसका प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को दीर्घकालिक रूप से बढ़ाना और सृदृढ़ करना है।
  • यह योजना प्रशासनिक प्रक्रियाओं और डिजिटल पोर्टलों के माध्यम से कार्यप्रबंधन को सुव्यवस्थित करती है।
  • इसके तहत राज्यों और स्थानीय निकायों को भौगोलिक एवं मौसमी आवश्यकताओं के अनुसार कार्य योजना तैयार करने की अनुमति मिलती है।
  • यह ग्रामीण गरीबों के लिए मजदूरी रोजगार की उपलब्धता को स्थानीय कृषि चक्रों के साथ जोड़ने का प्रयास करती है।

महत्व (Significance)

  • कृषि कैलेंडर के साथ संरेखण: यह योजना राज्यों को स्थानीय कृषि कैलेंडरों और जलवायु तथा फसल पैटर्नों के आधार पर क्षेत्र-विशेष की अधिसूचनाएं जारी करने की अनुमति देती है।
  • पूरकता की स्थापना: इसके माध्यम से रोजगार कार्यक्रम को चरम कृषि मौसम के साथ प्रतिस्पर्धा करने के बजाय पूरक बनाया जाता है।
  • डिजिटल एकीकरण: इसके तहत लाखों नए जॉब कार्ड जारी किए गए हैं और डेटा प्रबंधन को पारदर्शी बनाया जा रहा है।
  • प्रशासनिक लचीलापन: यह जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की स्वतंत्रता देती है।
  • रोजगार कार्डों की निरंतरता: श्रमिकों को पुराने जॉब कार्डों के माध्यम से भी रोजगार तक निरंतर पहुंच बनाए रखने की अनुमति मिलती है।

सीमाएं (Limitations)

  • रोजगार सृजन में गिरावट: एमजीएनआरईजीएस की तुलना में शुरुआती महीनों में रोजगार उपलब्धता में 9% की गिरावट और संचयी व्यक्तिगत दिनों में 32% की कमी दर्ज की गई है।
  • तकनीकी और प्रशासनिक बाधाएं: बायोमेट्रिक ई-केवाईसी और पोर्टल पर जॉब कार्ड माइग्रेशन से जुड़ी तकनीकी जटिलताएं जमीनी स्तर पर कार्यमांग को प्रभावित करती हैं।
  • वित्तीय एवं संवित्ति संबंधी मुद्दे: कुछ राज्यों (जैसे पश्चिम बंगाल) में पिछले वर्षों से वित्तीय और प्रशासनिक संवित्ति बाधित होने के कारण व्यापक अंतराल देखा गया है।
  • मौसमी कृषि विराम का प्रभाव: 60 दिवसीय मौसमी कृषि विराम के कारण शुरुआती चरणों में रोजगार सृजन की गति धीमी पड़ी है।
  • जागरूकता का अभाव: ग्रामीण स्तर पर ई-केवाईसी और नई पोर्टल प्रणालियों को लेकर श्रमिकों के बीच तकनीकी स्पष्टता की कमी देखी गई है।
  • तकनीकी सुगमता: ई-केवाईसी और पोर्टल की कमियों को दूर कर ग्रामीण स्तर पर त्वरित समाधान तंत्र विकसित किया जाना चाहिए।
  • जागरूकता अभियान: श्रमिकों को यह स्पष्ट रूप से सूचित किया जाना चाहिए कि लंबित तकनीकी प्रक्रियाओं के बावजूद वे रोजगार पाने के अधिकारी हैं।
  • संतुलित समन्वय: कृषि गतिविधियों और मजदूरी रोजगार के बीच ऐसा संतुलन बनाया जाए जिससे कृषि श्रमिकों की उपलब्धता और गरीबों की आजीविका दोनों सुरक्षित रहें।
  • वित्तीय पारदर्शिता: राज्यों को समय पर वित्तीय संवित्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक तंत्र को अधिक उत्तरदायी बनाया जाना चाहिए।
  • सतत निगरानी: जमीनी स्तर पर रोजगार सृजन के आंकड़ों की नियमित समीक्षा और मूल्यांकन किया जाना चाहिए ताकि गिरावट को समय रहते रोका जा सके।

निष्कर्ष

VB-G RAM G योजना कृषि और ग्रामीण श्रम बाजार के बीच समन्वय स्थापित करने की एक नवीन पहल है। हालांकि, रोजगार के आंकड़ों में आई गिरावट और तकनीकी अड़चनों को दूर करने के लिए प्रशासनिक दक्षता में सुधार और पारदर्शी निगरानी अनिवार्य है।

Practice question

1. यह योजना राज्यों को स्थानीय कृषि कैलेंडरों और फसल पैटर्नों के अनुसार रोजगार कार्यक्रमों को संरेखित करने की अनुमति देती है।

2. योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, ई-केवाईसी प्रक्रिया लंबित होने पर किसी भी श्रमिक को रोजगार मांगने से वंचित किया जा सकता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1, न ही 2

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