Indian Economy – Daily MCQ
UPSC / PCS Practice Questions
1. एड वेलोराम टैरिफ (Ad Valorem Tariff) मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस आधार पर लगाया जाता है?
(a) आयातित वस्तुओं के वजन के आधार पर
(b) आयातित वस्तुओं की कुल मात्रा या संख्या के आधार पर
(c) आयातित वस्तुओं के कुल घोषित मूल्य के आधार पर
(d) आयातित वस्तुओं के आकार और आयतन के आधार पर
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सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
एड वेलोराम टैरिफ एक प्रकार का सीमा शुल्क (Customs Duty) है जिसकी गणना पूरी तरह से आयातित वस्तुओं के कुल घोषित मूल्य के प्रतिशत के रूप में की जाती है जिसके कारण उत्पाद का मूल्य बदलने पर टैक्स भी उसी अनुपात में घटता-बढ़ता रहता है, जबकि इसके विपरीत वजन, भौतिक आकार, आयतन या वस्तुओं की कुल मात्रा अथवा संख्या के आधार पर लगाए जाने वाले टैक्स निश्चित शुल्क वाले टैरिफ (Specific Tariffs) कहलाते हैं जिनका वस्तुओं के मौद्रिक मूल्य से कोई सीधा संबंध नहीं होता है; अतः केवल विकल्प (c) सही है और अन्य सभी विकल्प पूरी तरह गलत हैं।
2. अखिल भारतीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाल ही में इस सूचकांक का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 कर दिया गया है।
2. यह सूचकांक श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2
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सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
सही उत्तर (a) है। पहला कथन सही है क्योंकि सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने औद्योगिक क्षेत्रक की वर्तमान संरचना को दर्शाने के लिए IIP का आधार वर्ष 2011-12 से संशोधित कर 2022-23 कर दिया है; दूसरा कथन गलत है क्योंकि यह सूचकांक श्रम मंत्रालय द्वारा नहीं, बल्कि सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी किया जाता है। इस नई श्रृंखला में गैस आपूर्ति, जलापूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है तथा मदों की बास्केट को 839 से बढ़ाकर 1,042 उत्पाद (463 मद समूह) कर दिया गया है।
3. वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद की संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केंद्रीय वित्त मंत्री परिषद के पदेन अध्यक्ष होते हैं।
2. प्रत्येक राज्य सरकार द्वारा नामित वित्त या कराधान प्रभारी मंत्री परिषद का सदस्य होता है।
3. राज्यों के सदस्य अपने बीच से परिषद के उपाध्यक्ष का चुनाव करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
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सही उत्तर: (d) 1, 2 और 3
व्याख्या:
कथन 1 सही है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 279A के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्री (Union Finance Minister) ही वस्तु एवं सेवा कर परिषद के पदेन अध्यक्ष (Ex-officio Chairperson) होते हैं। उन्हीं की अध्यक्षता में परिषद की बैठकें आयोजित की जाती हैं।
कथन 2 सही है: प्रत्येक राज्य सरकार और विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों (जैसे दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर) द्वारा नामित वित्त या कराधान प्रभारी मंत्री इस परिषद के सक्रिय सदस्य के रूप में शामिल होते हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री (राजस्व प्रभारी) भी इसके सदस्य होते हैं।
कथन 3 सही है: परिषद के सुचारू संचालन के लिए यह स्पष्ट प्रावधान है कि राज्यों के सभी सदस्य मिलकर अपने बीच में से किसी एक व्यक्ति को परिषद के उपाध्यक्ष (Vice-Chairperson) के रूप में चुनते हैं।
4. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्रय शक्ति समता (PPP) विनिमय दरों की गणना विभिन्न देशों में एकसमान वस्तुओं और सेवाओं के मूल्यों की तुलना कर की जाती है।
2. PPP डॉलर के संदर्भ में, भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1, न ही 2
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उत्तर: (a) केवल 1
व्याख्या:
कथन 1 सही है: क्रय शक्ति समता (Purchasing Power Parity - PPP) एक महत्वपूर्ण आर्थिक सिद्धांत है, जिसके तहत विभिन्न देशों की मुद्राओं की वास्तविक क्रय शक्ति को मापने के लिए वस्तुओं और सेवाओं की एक समान बास्केट की घरेलू कीमतों की आपस में तुलना की जाती है।
कथन 2 गलत है: विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पीपीपी डॉलर के संदर्भ में भारत विश्व की सबसे बड़ी नहीं, बल्कि तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
5. किसी मुद्रा के अवमूल्यन का प्रभाव यह है कि वह अपरिहार्य रूप से:
1. विदेशी बाजारों में घरेलू निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाता है।
2. घरेलू मुद्रा के विदेशी मूल्य को बढ़ाता है।
3. व्यापार संतुलन में सुधार करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) केवल 3
(d) 1, 2 और 3
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उत्तर: (a) केवल 1
व्याख्या:
कथन 1 सही है: जब कोई देश अपनी मुद्रा का आधिकारिक अवमूल्यन करता है, तो विदेशी खरीदारों के लिए उस देश की वस्तुएं और सेवाएं अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ती हो जाती हैं।
कथन 2 गलत है: अवमूल्यन से घरेलू मुद्रा का विदेशी मूल्य बढ़ता नहीं है, बल्कि विदेशी मुद्राओं की तुलना में घरेलू मुद्रा का विनिमय मूल्य आधिकारिक रूप से कम हो जाता है।
कथन 3 गलत है: अवमूल्यन से व्यापार संतुलन में सुधार होना अपरिहार्य नहीं है। यह आयात और निर्यात की मांग की लोच पर निर्भर करता है।
6. भारत में सरकार के सार्वजनिक ऋण के भाग के रूप में निम्नलिखित में से किसे/किन्हें शामिल किया जाता है?
1. बाजार उधारी
2. ट्रेजरी बिल
3. विशेष प्रतिभूतियां
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए:
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) केवल 3
(d) 1, 2 और 3
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उत्तर: (d) 1, 2 और 3
व्याख्या:
भारत सरकार के राष्ट्रीय ऋण (Public Debt) के अंतर्गत उन सभी देनदारियों को शामिल किया जाता है जिन्हें सरकार अपने राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए संचित निधि के बदले उधार लेती है।
1. बाजार उधारी: सरकार द्वारा दीर्घकालिक आवश्यकताओं के लिए जारी की जाने वाली दिनांकित प्रतिभूतियां इसका मुख्य हिस्सा होती हैं।
2. ट्रेजरी बिल: यह केंद्र सरकार द्वारा अपनी अल्पकालिक आवश्यकताओं को प्रबंधित करने के लिए जारी किए जाने वाले अल्पकालिक ऋण साधन हैं।
3. विशेष प्रतिभूतियां: विशेष प्रतिभूतियां और रीकैपिटलाइजेशन बॉन्ड सरकार के आंतरिक ऋण का भाग हैं।
7. भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रकों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. कृषि उत्पाद का भंडारण — द्वितीयक
2. डेरी फार्म — प्राथमिक
3. खनिज अन्वेषण — तृतीयक
4. कपड़ा बुनाई — द्वितीयक
उपर्युक्त युग्मों में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
(a) केवल एक
(b) केवल दो
(c) केवल तीन
(d) सभी चारों
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उत्तर: (b) केवल दो
व्याख्या:
युग्म 1 गलत है क्योंकि कृषि उत्पाद का भंडारण एक सेवा है, जो तृतीयक क्षेत्रक के अंतर्गत आती है। युग्म 2 सही है क्योंकि डेरी फार्मिंग प्राथमिक गतिविधि है। युग्म 3 गलत है क्योंकि खनिज अन्वेषण और खनन प्राथमिक क्षेत्रक का हिस्सा हैं। युग्म 4 सही है क्योंकि कपड़ा बुनाई द्वितीयक क्षेत्रक के अंतर्गत आती है।
8. राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) यह मुख्यतः पुनर्वित्त संस्था के रूप में कार्य करता है।
(b) यह क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा सहकारी बैंकों के पर्यवेक्षण एवं विकासात्मक कार्यों का निर्वहन करता है।
(c) यह समर्पित कोषों के माध्यम से राज्य सरकारों की ग्रामीण अवसंरचना परियोजनाओं को वित्तपोषित करता है।
(d) वर्तमान में इसका स्वामित्व भारत सरकार तथा भारतीय रिज़र्व बैंक के पास संयुक्त रूप से है।
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उत्तर: (d)
व्याख्या:
विकल्प (d) सही नहीं है। नाबार्ड की स्थापना के समय इसमें भारत सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक दोनों की हिस्सेदारी थी। परंतु बाद में भारत सरकार ने RBI के पूरे हिस्से का अधिग्रहण कर लिया। वर्तमान में नाबार्ड 100% भारत सरकार के स्वामित्व में है।
अन्य सभी विकल्प सही हैं। नाबार्ड बैंकों और वित्तीय संस्थानों को कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए पुनर्वित्त प्रदान करता है तथा RIDF जैसे कोषों के माध्यम से ग्रामीण अवसंरचना परियोजनाओं को वित्तपोषित करता है।
9. चालू खाता घाटा (Current Account Deficit - CAD) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
I. CAD में वस्तुएं, सेवाएं, विदेशों में निवेश से प्राप्त आय और एकतरफा हस्तांतरण जैसे कि प्रेषण और विदेशी सहायता शामिल हैं।
II. CAD एक ऐसी स्थिति है जहां किसी देश का कुल निर्यात और बहिर्वाह उसके कुल आयात और अंतर्वाह से अधिक होता है।
III. CAD में कमी हमेशा देश के लिए व्यापार अधिशेष का संकेत देती है।
IV. CAD व्यापक भुगतान संतुलन ढांचे का एक हिस्सा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल I और II
(b) केवल I और IV
(c) केवल II, III और IV
(d) I, II, III और IV
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उत्तर: (b) केवल I और IV
व्याख्या:
कथन I सही है: चालू खाते के अंतर्गत वस्तुओं का आयात-निर्यात, सेवाएं, विदेशों में निवेश से प्राप्त आय तथा एकतरफा हस्तांतरण शामिल होते हैं।
कथन II गलत है: चालू खाता घाटा तब होता है जब आयात और बहिर्वाह का कुल मूल्य निर्यात और अंतर्वाह से अधिक होता है।
कथन III गलत है: CAD में कमी का अर्थ यह नहीं है कि देश हमेशा व्यापार अधिशेष में आ गया है।
कथन IV सही है: चालू खाता भुगतान संतुलन ढांचे का एक मुख्य भाग है।
10. गरीबी से संबंधित निम्नलिखित समितियों पर विचार कीजिए तथा इनके गठन को सही कालक्रमानुसार क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
1. लकड़ावाला समिति
2. रंगराजन समिति
3. तेंदुलकर समिति
4. दांडेकर और रथ समिति
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:
(a) 1, 4, 2, 3
(b) 1, 4, 3, 2
(c) 4, 1, 2, 3
(d) 4, 1, 3, 2
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उत्तर: (d) 4, 1, 3, 2
व्याख्या:
4. दांडेकर और रथ समिति (1971): इस समिति ने राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के आंकड़ों के आधार पर कैलोरी खपत को आधार बनाकर व्यवस्थित रूप से देश में गरीबी रेखा का निर्धारण किया था।
1. लकड़ावाला समिति (1989): योजना आयोग द्वारा गठित इस विशेषज्ञ समूह ने राज्य-विशिष्ट गरीबी रेखा तय करने और इसके आकलन के लिए CPI-AL और CPI-IW सूचकांकों के उपयोग की सिफारिश की थी।
3. तेंदुलकर समिति (2005): इस समिति ने गरीबी रेखा के मापन का आधार केवल कैलोरी मानदंड से बदलकर प्रति व्यक्ति मासिक उपभोग व्यय (MPCE) किया।
2. रंगराजन समिति (2012): तेंदुलकर समिति की कार्यप्रणाली की आलोचना के बाद वर्ष 2012 में सी. रंगराजन की अध्यक्षता में इस समिति का गठन हुआ।
