UPSC PYQ – Indian Economy

1.भारतीय अर्थव्यवस्था में भौतिक पूँजी के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:(2024)

                  वस्तु/साधन     –      श्रेणी

  1. किसान का हल – कार्यशील पूँजी
  2. कंप्यूटर – स्थिर पूँजी
  3. बुनकर द्वारा प्रयुक्त सूत – स्थिर पूँजी
  4. पेट्रोल – कार्यशील पूँजी

उपरोक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
(a) केवल एक
(b) केवल दो
(c) केवल तीन
(d) सभी चार

व्याख्या:

  • युग्म 1 सही सुमेलित नहीं है: स्थिर पूँजी के अंतर्गत वे उपकरण और मशीनें आती हैं जिनका उत्पादन प्रक्रिया में कई वर्षों तक बार-बार उपयोग किया जाता है। किसान का हल (Farmer’s plough) एक ऐसा ही टिकाऊ उपकरण है, इसलिए यह स्थिर पूँजी का उदाहरण है, न कि कार्यशील पूँजी का।
  • युग्म 2 सही सुमेलित है: कंप्यूटर एक विनिर्माण या कार्यालयीन उपकरण है जिसका उपयोग उत्पादन या सेवा क्षेत्र में कई वर्षों तक लगातार किया जाता है, इसलिए यह स्थिर पूँजी के अंतर्गत आता है।
  • युग्म 3 सही सुमेलित नहीं है: कार्यशील पूँजी के अंतर्गत वह कच्चा माल और नकद धन आता है जो उत्पादन की प्रक्रिया के दौरान पूरी तरह उपभोग हो जाता है या समाप्त हो जाता है। बुनकर द्वारा कपड़ा बनाने में प्रयुक्त सूत (Yarn) एक कच्चा माल है, इसलिए यह कार्यशील पूँजी का उदाहरण है, न कि स्थिर पूँजी का।
  • युग्म 4 सही सुमेलित है: पेट्रोल (Petrol) उत्पादन या परिवहन प्रक्रिया के दौरान एक ही बार के उपयोग में पूरी तरह समाप्त हो जाता है। यह एक उपभोग्य कच्चा माल/साधन है, इसलिए इसे कार्यशील पूँजी के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

चूंकि यहाँ केवल दो युग्म (2 और 4) ही सही सुमेलित हैं, इसलिए सही उत्तर विकल्प (b) होगा।

2. अर्थव्यवस्था में निम्नलिखित में से कौन-सी गतिविधियाँ वास्तविक क्षेत्रक (Real Sector) का निर्माण करती हैं? (2022)

  1. किसानों द्वारा अपनी फसलों की कटाई करना
  2. कपड़ा मिलों द्वारा कच्चे कपास को कपड़ों में बदलना
  3. एक वाणिज्यिक बैंक द्वारा किसी व्यापारिक कंपनी को धन उधार देना
  4. एक कॉर्पोरेट निकाय द्वारा विदेशों में रुपया मूल्यवर्ग के बॉन्ड जारी करना

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2, 3 और 4
(c) केवल 1, 3 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4

व्याख्या:

  • कथन 1 और 2 सही हैं (वास्तविक क्षेत्रक का हिस्सा हैं): वास्तविक क्षेत्रक (Real Sector) में उन गतिविधियों को शामिल किया जाता है जो सीधे वस्तुओं और गैर-वित्तीय सेवाओं के उत्पादन, वितरण और उपभोग से जुड़ी होती हैं। इसमें आर्थिक गतिविधियों के भौतिक परिणाम दिखाई देते हैं। किसानों द्वारा फसलों की कटाई (प्राथमिक क्षेत्र) और कपड़ा मिलों द्वारा कपास को कपड़े में बदलना (द्वितीयक क्षेत्र) सीधे भौतिक वस्तुओं के उत्पादन से संबंधित हैं, इसलिए ये वास्तविक क्षेत्रक का निर्माण करती हैं।
  • कथन 3 और 4 गलत हैं (वित्तीय क्षेत्रक का हिस्सा हैं): वित्तीय क्षेत्रक (Financial Sector) के अंतर्गत धन, ऋण, बैंकिंग, बॉन्ड, शेयर बाज़ार और कागजी या डिजिटल दावों से जुड़ी गतिविधियाँ आती हैं, जो प्रत्यक्ष रूप से किसी भौतिक वस्तु का उत्पादन नहीं करतीं बल्कि वास्तविक क्षेत्रक को वित्तीय तरलता प्रदान करती हैं। वाणिज्यिक बैंक द्वारा ऋण देना और कॉर्पोरेट निकाय द्वारा विदेशों में रुपया मूल्यवर्ग के बॉन्ड (मसाला बॉन्ड) जारी करना विशुद्ध रूप से वित्तीय लेनदेन हैं, इसलिए ये वास्तविक क्षेत्रक के अंतर्गत नहीं आते।

चूंकि केवल कथन 1 और 2 ही वास्तविक क्षेत्रक का हिस्सा हैं, इसलिए सही उत्तर विकल्प (a) है।

3. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (2024)

कथन I: यदि संयुक्त राज्य अमेरिका अपने ऋण पर डिफ़ॉल्ट करता है, तो अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड के धारक भुगतान प्राप्त करने के लिए अपने दावों का प्रयोग नहीं कर पाएंगे।
कथन II: संयुक्त राज्य अमेरिका सरकार का ऋण किसी भी ठोस संपत्ति  द्वारा समर्थित नहीं है, बल्कि केवल सरकार के विश्वास द्वारा समर्थित है।

उपरोक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा एक सही है?
(a) कथन I और कथन II दोनों सही हैं तथा कथन II, कथन I की सही व्याख्या करता है
(b) कथन I और कथन II दोनों सही हैं, लेकिन कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं करता है
(c) कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है
(d) कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है

व्याख्या:

कथन I और कथन II दोनों सही हैं तथा कथन II, कथन I की सही व्याख्या करता है: अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड को दुनिया के सबसे सुरक्षित निवेशों में से एक माना जाता है क्योंकि वे अमेरिकी सरकार की पूर्ण आस्था और ऋण (Full Faith and Credit) द्वारा समर्थित होते हैं, न कि किसी भौतिक या ठोस संपत्ति (जैसे सोना या जमीन) के द्वारा। यदि अमेरिकी सरकार अपने ऋण दायित्वों पर पूरी तरह डिफ़ॉल्ट (Default) कर देती है, तो बॉन्ड धारकों के पास भुगतान का दावा करने के लिए पीछे कोई ठोस संपत्ति या गिरवी रखी आस्तियां नहीं बचेंगी, जिससे वे भुगतान प्राप्त करने के अपने दावों का प्रभावी रूप से प्रयोग नहीं कर पाएंगे। चूंकि संप्रभु ऋण केवल सरकार की साख और कर लगाने की क्षमता पर टिके होते हैं, इसलिए कथन II सीधे तौर पर कथन I की इस वित्तीय लाचारी की सही और तार्किक व्याख्या करता है।

4. आर्थिक मंदी के समय निम्नलिखित में से कौन-सा कदम उठाए जाने की सर्वाधिक संभावना होती है? (2021)
(a) कर की दरों में कटौती के साथ ब्याज दर में वृद्धि करना
(b) सार्वजनिक परियोजनाओं पर व्यय में वृद्धि करना
(c) कर की दरों में वृद्धि के साथ ब्याज दर में कमी करना
(d) सार्वजनिक परियोजनाओं पर व्यय में कटौती करना

व्याख्या:
आर्थिक मंदी के समय बाजार में वस्तुओं और सेवाओं की मांग काफी घट जाती है, जिससे उत्पादन ठप होने लगता है और बेरोजगारी बढ़ती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सरकारें मुख्य रूप से सार्वजनिक परियोजनाओं (जैसे सड़कों, पुलों, और बुनियादी ढांचे के निर्माण) पर सरकारी खर्च में वृद्धि करती हैं। इस विस्तारवादी राजकोषीय नीति (Expansionary Fiscal Policy) के कारण बाजार में नई पूंजी का प्रवाह होता है, रोजगार के अवसरों का सृजन होता है, और लोगों की आय बढ़ने से बाजार में वस्तुओं की समग्र मांग (Aggregate Demand) पुनः जीवित हो उठती है, जिससे अर्थव्यवस्था मंदी के चक्रव्यूह से बाहर निकल पाती है।

5.12वीं पंचवर्षीय योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है? (2014)
(a) समावेशी विकास और गरीबी में कमी
(b) समावेशी और सतत विकास
(c) बेरोजगारी कम करने के लिए सतत और समावेशी विकास
(d) तीव्र, अधिक समावेशी और धारणीय विकास

व्याख्या:

भारत की 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-2017) का आधिकारिक तौर पर घोषित मुख्य उद्देश्य ‘तीव्र, अधिक समावेशी और धारणीय (सतत) विकास’ (Faster, Sustainable and More Inclusive Growth) निर्धारित किया गया था। इस योजना के तहत सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें आर्थिक प्रगति की रफ्तार को तेज करने के साथ-साथ समाज के सभी पिछड़े वर्गों तक विकास का लाभ पहुँचाने और पर्यावरण संरक्षण को संतुलित रखने पर विशेष बल दिया गया। यह भारत की अंतिम आधिकारिक पंचवर्षीय योजना थी, जिसके बाद योजना आयोग को समाप्त कर 1 जनवरी 2015 को नीति आयोग का गठन किया गया था।

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