सामान्य विज्ञान (General Science)

1. कोयला गैसीकरण (Coal Gasification) तकनीक का उपयोग निम्नलिखित में से कितने पदार्थों के उत्पादन में किया जा सकता है? (2025)

I. एथेनॉल
II. नाइट्रोग्लिसरीन
III. यूरिया

(a) केवल एक पदार्थ
(b) केवल दो पदार्थ
(c) सभी तीन पदार्थ
(d) कोई भी पदार्थ नहीं

व्याख्या:

  • I. एथेनॉल (सही): कोयला गैसीकरण से प्राप्त सिंथेसिस गैस या सिनगैस (कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन का मिश्रण) को रासायनिक उत्प्रेरक संश्लेषण या जैविक किण्वन के माध्यम से एथेनॉल में परिवर्तित किया जा सकता है।
  • II. नाइट्रोग्लिसरीन (गलत): यह एक विस्फोटक तरल पदार्थ है जो ग्लिसरॉल को नाइट्रिक एसिड और सल्फ्यूरिक एसिड के साथ उपचारित करके (नाइट्रेशन प्रक्रिया द्वारा) बनाया जाता है। इसमें कोयला गैसीकरण तकनीक की कोई भूमिका नहीं होती है।
  • III. यूरिया (सही): भारत में कोयला गैसीकरण का यह सबसे आम अनुप्रयोग है। सिनगैस से प्राप्त हाइड्रोजन का उपयोग अमोनिया (NH3) बनाने के लिए किया जाता है, जिसे बाद में कार्बन डाइऑक्साइड के साथ मिलाकर नाइट्रोजन युक्त उर्वरक ‘यूरिया’ का उत्पादन किया जाता है।

2. कार्बन फाइबर (Carbon fibres) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए(2023)

  1. कार्बन फाइबर का उपयोग ऑटोमोबाइल और विमानों में घटकों के निर्माण के लिए किया जाता है।
  2. एक बार उपयोग किए जाने के बाद कार्बन फाइबर को रीसायकल नहीं किया जा सकता है।

उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2

व्याख्या:

  • कथन 1 सही है: कार्बन फाइबर अत्यधिक मजबूत, हल्के और टिकाऊ होते हैं, जिसके कारण इनका उपयोग ऑटोमोबाइल, आधुनिक वाणिज्यिक व सैन्य विमानों, अंतरिक्ष यान और स्पोर्ट्स गियर (जैसे साइकिल, टेनिस रैकेट) के कलपुर्जे बनाने में व्यापक रूप से किया जाता है।
  • कथन 2 गलत है: पुराने और प्रयुक्त कार्बन फाइबर को विभिन्न तकनीकों जैसे कि पायरोलिसिस (Pyrolysis), सोल्वोलिसिस (Solvolysis) और रासायनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से रीसायकल (पुनर्चक्रण) किया जा सकता है। हालाँकि रीसाइक्लिंग के बाद फाइबर की लंबाई और कुछ यांत्रिक गुण थोड़े कम हो जाते हैं, लेकिन इन्हें अन्य औद्योगिक अनुप्रयोगों में पुनः उपयोग के योग्य बनाया जा सकता है।

3. पॉलीइथिलीन टेरेफ्थेलेट (Polyethylene terephthalate) के संदर्भ में, जिसका हमारे दैनिक जीवन में बहुत व्यापक उपयोग है, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए [2022]:

  1. इसके धागों (फाइबर्स) को ऊन और कपास के धागों के साथ उनके गुणों को मजबूत करने के लिए मिश्रित किया जा सकता है।
  2. इससे बने कंटेनरों का उपयोग किसी भी मादक पेय को संग्रहीत करने के लिए किया जा सकता है।
  3. इससे बनी बोतलों को रीसायकल करके अन्य उत्पाद बनाए जा सकते हैं।
  4. इससे बनी वस्तुओं का ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के बिना भस्मीकरण (इंसिनरेशन) द्वारा आसानी से निपटान किया जा सकता है।

उपरोक्त कथनों में से कौन से सही हैं?

(a) 1 और 3
(b) 2 and 4
(c) 1 और 4
(d) 2 और 3

व्याख्या:

  • कथन 1 सही है: पॉलीइथिलीन टेरेफ्थेलेट (PET) के धागों को प्राकृतिक रेशों जैसे कि कपास (कपास के साथ मिश्रित करके पॉलीकॉट) और ऊन (पॉलीवूल) के साथ आसानी से मिलाया जा सकता है, जिससे कपड़ों की मजबूती, टिकाऊपन और शिकन-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।
  • कथन 2 गलत है: PET कंटेनर कुछ उच्च अल्कोहल सांद्रता वाले मादक पेयों के लिए उपयुक्त नहीं होते हैं, क्योंकि अल्कोहल धीरे-धीरे प्लास्टिक को विकृत कर सकता है और हानिकारक रसायनों के रिसाव का कारण बन सकता है।
  • कथन 3 सही है: PET बोतलों और कंटेनरों को पूरी तरह से पुनर्चक्रित (रीसायकल) किया जा सकता है और इन्हें नई बोतलों, कपड़े के रेशों, ऑटोमोटिव पार्ट्स और पैकेजिंग सामग्री जैसे अन्य उपयोगी उत्पादों में बदला जा सकता है।
  • कथन 4 गलत है: PET का भस्मीकरण (खतरनाक तरीके से जलाना) करने पर कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) सहित प्रचुर मात्रा में ग्रीनहाउस गैसें और हानिकारक जहरीली गैसें उत्सर्जित होती हैं, इसलिए बिना किसी उत्सर्जन के इसका निपटान संभव नहीं है।

4. बिस्फेनॉल ए (BPA), जो चिंता का एक कारण है, निम्नलिखित में से किस प्रकार के प्लास्टिक के निर्माण में एक संरचनात्मक/मुख्य घटक है? [2021]

(a) कम घनत्व वाला पॉलीथीन (LDPE)
(b) पॉलीकार्बोनेट
(c) पॉलीइथिलीन टेरेफ्थेलेट (PET)
(d) पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC)

व्याख्या:
बिस्फेनॉल ए (BPA) एक औद्योगिक रसायन है जिसका उपयोग मुख्य रूप से पॉलीकार्बोनेट प्लास्टिक और इपोक्सी रेजिन (Epoxy resins) बनाने के लिए अन्य रासायनिक पदार्थों के साथ संयोजन में किया जाता है। पॉलीकार्बोनेट प्लास्टिक का उपयोग अक्सर पानी की बोतलें, खेल उपकरण और खाद्य भंडारण कंटेनरों जैसी टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं के निर्माण में होता है। बिस्फेनॉल ए (BPA) मानव स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय इसलिए है क्योंकि यह शरीर में प्राकृतिक हार्मोन एस्ट्रोजन की नकल करता है, जिससे यह मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine system) में हस्तक्षेप कर सकता है। हालिया वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि कंटेनरों से BPA रसायनों का रिसाव खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में हो सकता है, जो भ्रूण के विकास, शिशुओं के मस्तिष्क और प्रोस्टेट ग्रंथि को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है।

5. जल किसी अन्य द्रव की तुलना में अधिक पदार्थों को घोल सकता है क्योंकि: [2021]

(a) यह द्विध्रुवीय प्रकृति का होता है
(b) यह ऊष्मा का एक अच्छा चालक है
(c) इसका विशिष्ट ऊष्मा का मान उच्च होता है
(d) यह हाइड्रोजन का एक ऑक्साइड है

व्याख्या:
जल (H₂O) को अक्सर इसकी अद्वितीय घुलनशीलता क्षमताओं के कारण “सार्वभौमिक विलायक” (Universal Solvent) कहा जाता है। यह किसी भी अन्य सामान्य द्रव की तुलना में अधिक पदार्थों को घोलने में सक्षम है। इसका मुख्य कारण इसकी अत्यधिक द्विध्रुवीय प्रकृति (Dipolar nature) और उच्च परावैद्युतांक स्थिरांक (High Dielectric Constant) है। जल के एक अणु में ऑक्सीजन परमाणु पर आंशिक ऋणात्मक आवेश (Negative charge) और हाइड्रोजन परमाणुओं पर आंशिक धनात्मक आवेश (Positive charge) होता है। यह विद्युत आवेश असंतुलन जल को अन्य आयनिक या ध्रुवीय यौगिकों (जैसे नमक या चीनी) के परमाणुओं के बीच के आकर्षण बलों को तोड़ने और उन्हें अलग करने में मदद करता है। जल की ऊष्मा चालकता या उच्च विशिष्ट ऊष्मा उसके तापमान नियंत्रण में सहायक होती है, लेकिन इसका उसकी रासायनिक विलेयता क्षमता से कोई सीधा संबंध नहीं है।

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