Environment UPSC PYQ 2023

UPSC PYQ 2023 – Environment | Daily MCQ

MCQ 1
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

एक बार जब केंद्र सरकार किसी क्षेत्र को 'सामुदायिक आरक्षित क्षेत्र' के रूप में अधिसूचित कर देती है:

1. राज्य के मुख्य वन्यजीव संरक्षक ऐसे वन के शासी प्राधिकरण बन जाते हैं।
2. ऐसे क्षेत्रों में शिकार की अनुमति नहीं है।
3. ऐसे क्षेत्र के लोगों को गैर-लकड़ी वन उत्पाद एकत्र करने की अनुमति है।
4. ऐसे क्षेत्रों के लोगों को पारंपरिक कृषि पद्धतियों की अनुमति है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कितने सही हैं?
(a) केवल एक
(b) केवल दो
(c) केवल तीन
(d) चारों
सही उत्तर: (c) केवल तीन
व्याख्या:
सामुदायिक आरक्षित क्षेत्र (Community Reserve) का उद्देश्य स्थानीय समुदायों की भागीदारी के साथ वन्यजीव एवं जैव विविधता का संरक्षण करना है। ऐसे क्षेत्रों में संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के पारंपरिक अधिकारों और आजीविका संबंधी गतिविधियों को भी ध्यान में रखा जाता है।

कथन 1 सही है। संरक्षण व्यवस्था में राज्य का वन्यजीव प्रशासन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा मुख्य वन्यजीव संरक्षक (Chief Wildlife Warden) इसके संरक्षण एवं प्रबंधन से संबंधित अधिकारों का प्रयोग करता है।

कथन 2 सही है। वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था के अंतर्गत सामुदायिक आरक्षित क्षेत्र में शिकार जैसी गतिविधियाँ प्रतिबंधित होती हैं।

कथन 3 सही है। स्थानीय समुदायों द्वारा पारंपरिक रूप से उपयोग किए जाने वाले गैर-लकड़ी वन उत्पाद (Non-Timber Forest Products) का संग्रह स्थानीय अधिकारों एवं संरक्षण व्यवस्था के अनुरूप किया जा सकता है।

कथन 4 सही नहीं माना गया है। पारंपरिक कृषि गतिविधियों का स्वरूप क्षेत्र की अधिसूचना, संरक्षण नियमों तथा लागू प्रावधानों पर निर्भर करता है।

अतः तीन कथन सही हैं।
MCQ 2
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

1. भारत में, जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ नागोया प्रोटोकॉल के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
2. जैव विविधता प्रबंधन समितियों की जैविक संसाधनों तक पहुंच और लाभ साझाकरण निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसमें उनके अधिकार क्षेत्र के भीतर जैविक संसाधनों तक पहुंच पर संग्रह शुल्क लगाने की शक्ति भी शामिल है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों
व्याख्या:
जैव विविधता प्रबंधन समिति (Biodiversity Management Committee—BMC) स्थानीय स्तर पर जैव विविधता के संरक्षण और जैविक संसाधनों के सतत उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्था है।

कथन 1 सही है। नागोया प्रोटोकॉल का प्रमुख उद्देश्य आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से प्राप्त लाभों का उचित एवं न्यायसंगत साझाकरण (Access and Benefit Sharing—ABS) सुनिश्चित करना है।

भारत में BMC स्थानीय स्तर पर जैविक संसाधनों और उनसे जुड़े पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण तथा लाभ-साझाकरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कथन 2 सही है। BMC अपने अधिकार क्षेत्र में उपलब्ध जैविक संसाधनों तथा उनसे जुड़े पारंपरिक ज्ञान के संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जैविक संसाधनों के व्यावसायिक उपयोग से प्राप्त होने वाले लाभों को स्थानीय समुदायों तक पहुँचाने में भी इनकी भूमिका होती है।

इस प्रकार दोनों कथन सही हैं।
MCQ 3
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

कथन-I: भारत में मार्सुपियल प्राकृतिक रूप से नहीं पाए जाते हैं।

कथन-II: मार्सुपियल केवल ऐसे पर्वतीय घास के मैदानों में ही पनप सकते हैं जहाँ कोई शिकारी न हो।

उपरोक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
(a) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है।
(b) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है।
(c) कथन-I सही है। कथन-II गलत है।
(d) कथन-I गलत है, जबकि कथन-II सही है।
सही उत्तर: (c) कथन-I सही है। कथन-II गलत है।
व्याख्या:
मार्सुपियल (Marsupials) ऐसे स्तनधारी हैं जिनमें बच्चे का विकास जन्म के बाद काफी हद तक मार्सुपियम (pouch) में होता है। कंगारू, कोआला और वॉम्बैट इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

कथन-I सही है। दिए गए संदर्भ के अनुसार भारत में मार्सुपियल प्राकृतिक रूप से नहीं पाए जाते। मार्सुपियल की सबसे अधिक विविधता ऑस्ट्रेलिया में पाई जाती है।

कथन-II गलत है। मार्सुपियल केवल पर्वतीय घास के मैदानों में ही नहीं रहते। विभिन्न मार्सुपियल प्रजातियाँ वन, घासभूमि, झाड़ीदार क्षेत्र तथा अन्य विविध आवासों में पाई जाती हैं। उनके लिए यह आवश्यक नहीं है कि क्षेत्र में कोई शिकारी न हो।

अतः कथन-I सही है, जबकि कथन-II गलत है।
MCQ 4
'आक्रामक प्रजाति विशेषज्ञ समूह' (जो वैश्विक आक्रामक प्रजाति डेटाबेस विकसित करता है) निम्नलिखित में से किस संगठन से संबंधित है?
(a) प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ
(b) संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम
(c) संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यावरण एवं विकास आयोग
(d) विश्वव्यापी प्रकृति कोष
सही उत्तर: (a) प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ
व्याख्या:
आक्रामक प्रजाति विशेषज्ञ समूह (Invasive Species Specialist Group—ISSG), IUCN (International Union for Conservation of Nature) से संबंधित विशेषज्ञ समूह है।

ISSG का प्रमुख कार्य आक्रामक विदेशी प्रजातियों (Invasive Alien Species) से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी और विशेषज्ञता उपलब्ध कराना है।

इसके द्वारा विकसित Global Invasive Species Database (GISD) आक्रामक प्रजातियों से संबंधित महत्वपूर्ण वैश्विक सूचना स्रोत है।

आक्रामक विदेशी प्रजातियाँ वे गैर-देशज प्रजातियाँ होती हैं जो किसी नए पारिस्थितिकी तंत्र में स्थापित होकर स्थानीय जैव विविधता, पारिस्थितिकी तंत्र या आर्थिक गतिविधियों को नुकसान पहुँचा सकती हैं।

उदाहरण के रूप में भारत में लैंटाना कैमारा, प्रोसोपिस जुलीफ्लोरा और जलकुंभी जैसी प्रजातियों को आक्रामक विदेशी प्रजातियों के संदर्भ में पढ़ा जाता है।
MCQ 5
निम्नलिखित जीव-जंतुओं पर विचार करें:

1. शेर-पूंछ वाला मैकाक
2. मालाबार सिवेट
3. सांभर हिरण

ऊपर दिए गए जीवों में से कितने जीव आमतौर पर निशाचर होते हैं या सूर्यास्त के बाद सबसे अधिक सक्रिय होते हैं?
(a) केवल एक
(b) केवल दो
(c) तीनों
(d) कोई नहीं
सही उत्तर: (b) केवल दो
व्याख्या:
इन तीनों प्रजातियों की गतिविधि का समय अलग-अलग होता है।

1. शेर-पूंछ वाला मैकाक → दैनिक
यह मुख्यतः दैनिक (Diurnal) प्राणी है और दिन के समय सक्रिय रहता है। यह पश्चिमी घाट के सदाबहार वनों में पाया जाता है।

2. मालाबार सिवेट → निशाचर
मालाबार सिवेट एक रात्रिचर (Nocturnal) स्तनधारी है। यह मुख्यतः रात के समय सक्रिय रहता है और दिन में अपेक्षाकृत कम सक्रिय होता है।

3. सांभर → संध्याकालीन/रात्रिकालीन सक्रियता
सांभर मुख्यतः संध्याकालीन एवं रात्रिचर गतिविधि प्रदर्शित करता है। यह विशेषकर शाम और रात के समय अधिक सक्रिय हो सकता है।

अतः कुल दो जीव सूर्यास्त के बाद अधिक सक्रिय होते हैं।
📢 इस Daily MCQ को अपने दोस्तों के साथ Share करें:

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top